जयपुर में बीएपी कार्यकर्ताओं की ज्वाइनिंग के दौरान लगे 'गहलोत चौथी बार' के नारे से कांग्रेस में सियासी संग्राम छिड़ गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के बयान के बाद अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए मामला संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन पार्टी के भीतर हलचल तेज हैं. जब गहलोत शनिवार (1 अगस्त) को जोधपुर पहुंचे तो उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकताओं को लक्ष्मण रेखा पार न करने की नसीहत दी. ओसवाल भवन में कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा गहलोत ने कहा कि सभी मिलकर चलें. हमारा जो समाज और गरीब के प्रति कर्तव्य है, वो पूरा तब कर पाएंगे जब हम जनता को विश्वास दिलाएंगे कि हम सब एक हैं.
गहलोत बोले- पहली बार सीएम बना, तब नारा नहीं लगा
दरअसल, जयपुर में गहलोत के आवास पर नारे लगने के बाद डोटासरा ने भड़के हुए नजर आए थे. इसे गहलोत बनाम डोटासरा की गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा था. जब गहलोत जोधपुर में सम्मेलन में पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने फिर 'चौथी बार गहलोत सरकार' के नारे लगाने लगाए. इस पर उन्होंने कहा कि हमें कांग्रेस के पक्ष में काम करना है. चौथी बार अशोक गहलोत के नारे मत लगाओ. पहली बार सीएम बना, तब भी कोई नारा नहीं लगा था. मैं गांव-गांव घूमता था, काम भी बहुत किए.
बोले- बिना मेरी मांग के मुझे सीएम बनाया गया
गहलोत ने कार्यकर्ताओं से कहा, "सोनिया गांधी ने बिना मेरी मांग के मुझे मुख्यमंत्री बनाया था. उस समय तो दूसरी, तीसरी और चौथी बार का नारा नहीं लगा. हम क्यों नारे लगाएं? बिना मतलब हमारे नेताओं को लगता है कि ये क्यों लगाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के नाम का नारा लगना नहीं चाहिए. ये काम हमारा नहीं है. ये काम आलाकमान का है कि किसको मुख्यमंत्री बनाना है. क्या जनता की राय है, जीतकर आए विधायकों की क्या राय है. तमाम बातें देखकर, गुणा-भाग करके इसके बाद फैसला होता है. इस विवाद में नहीं पड़ना चाहिए."
हाईकमान तय करेगा कि मुख्यमंत्री किसको बनाना है- पूर्व सीएम
स्टेशन पर स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि कल में स्टेशन पर आया तो जोर-जोर से नारे लगाने लगे. आप अपना काम करो, ताकि कांग्रेस जीते. तीन बार सीएम बनना कम होता है क्या. अभी मैं पूर्व विधानसभा स्पीकर सुमित्रा जी से मिलने गया था. वहां पर चौथी बार सीएम के नारे लगाने लगे. चौथी, पांचवीं और छठी बार भी मैं बनूं. ऐसे क्यों बोलते हो, हाईकमान तय करेगा किसको बनाना है. मैं 52 साल से राजनीति में हूं. एनएसयूआई से यहां तक पहुंचा हूं, वो कम है क्या?
यह भी पढ़ेंः 'BJP जैसे कांग्रेस को मार्केटिंग करनी होगी' अशोक गहलोत का पंचायत-निकाय चुनाव का शंखनाद