राजस्थान कांग्रेस में गहलोत बनाम डोटासरा की गुटबाजी का नया अध्याय नजर आ रहा है. 'गहलोत चौथी बार' नारे के बाद शुरू हुआ बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है. हालांकि अशोक गहलोत इस गुटबाजी को नकारते नजर आ रहे हैं, लेकिन डोटासरा के बयान से हलचल तेज हो चुकी है. पहले गुस्से वाला वीडियो और अब गहलोत के करीबी संदीप चौधरी पर तंज से ये मामला फिर गरमा गया है. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर वार नहीं किया लेकिन बिना नाम लिए ही सियासी बयान दे डाला. उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं.
संदीप सिंह चौधरी के सोशल मीडिया पोस्ट से हलचल
कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह को तब और हवा मिल गई, जब इशारों ही इशारों में डोटासरा ने भी बड़ी बात कह दी. इसके अगले ही दिन पूर्व राज्यमंत्री संदीप सिंह चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था. इसमें लिखा, "ऐरे गैरे नत्थू खैरे कुछ बन जाते हैं तो पागल हो जाते हैं." चौधरी को गहलोत का करीबी माना जाता है.
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में उन्हें बंजर भूमि चारागाह विकास बोर्ड अध्यक्ष नियुक्त करते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था. वर्तमान में वो प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष भी हैं. ऐसे में उनके हाल के पोस्ट को गहलोत बनाम डोटासरा के अध्याय से जोड़कर देखा जा रहा है.
ऐरे-गेरे नत्थू गरे कुछ बन जाते हैं…
— Sandeep Singh Choudhary (@sandeepinc_) July 31, 2026
तो पागल हो जाते हैं…🐕🦺 @BJP4Rajasthan @INCRajasthan
डोटासरा ने कही थी ये बात
इससे पहले, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में कहा कि राहुल गांधी ने उनके काम की सराहना की है. उन्हें 'ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे' से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं. इस बयान के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है. इस बयान के अगले ही दिन कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट किया, जिसे डोटासरा के बयान पर प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि उनका इशारा कहीं ना कहीं डोटासरा पर ही था.
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