Rajasthan: BJP विधायक और AEN के बीच मारपीट पर सियासी बवाल, कांग्रेस के हमले पर भाजपा का पलटवार

दो दिन पहले भाजपा विधायक और AEN के बीच विवाद हुआ और देखते-देखते विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई हो गई. पहले विधायक ने खुद के साथ मारपीट होने के आरोप लगाए, तो अगले दिन AEN ने अपने आप को पीड़ित बताया. अब इस मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी भी मैदान में हैं. 

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BJP विधायक और AEN के बीच मारपीट पर सियासी बवाल

राजस्थान के श्रीगंगानगर में नहरी पानी उबाल मार रहा है. दो दिन पहले विधायक जयदीप बिहानी और AEN जगनलाल बैरवा के बीच हुई हाथापाई का मामले पर अब राजनीति का गाढ़ा रंग चढ़ता जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने स्थानीय स्वशासन विभाग यानी LSG के प्रमुख सचिव रवि जैन की अगुवाई में जांच कमेटी बनाई है. वहीं विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है. विपक्ष सीनियर जज से जांच की मांग कर रहा है, तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस को भड़काऊ बयान नहीं देने की नसीहत दी है.

कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर हमलावर

 नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ जजों की कमेटी से कराने की मांग उठाई है. जूली ने कहा कि शुरुआत में विधायक के साथ मारपीट की खबर आई, जिसे उन्होंने “अभूतपूर्व” बताया. लेकिन बाद में जब AEN सामने आए और अपनी चोटें दिखाईं, तो मामले ने नया मोड़ ले लिया. उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी और विधायक दोनों ही पिट रहे हैं, तो आखिर सरकार क्या कर रही है?” जूली ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई. 

मदन राठौड़ की कांग्रेस को नसीहत

वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं पर जल्दबाजी में बयान देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं, खासतौर से अशोक गहलोत और टीकाराम जूली, ने 24 घंटे के भीतर अपने बयानों में “यू-टर्न” लिया. राठौड़ ने नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में नेताओं को सोच-समझकर बोलना चाहिए और भड़काऊ भाषा से बचना चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी दो-तीन दिनों में इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश करेगी, जिसमें विधायक और अधिकारियों दोनों का सम्मान बना रहेगा. 

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इधर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि असल में अधिकारियों के साथ मारपीट हुई है, लेकिन इसे उल्टा प्रचारित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि AEN के शरीर पर चोट के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमला अधिकारियों पर हुआ. खाचरियावास ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विधायक का पक्ष ले रही है और अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधि ही अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे, तो प्रशासनिक व्यवस्था कैसे चलेगी? साथ ही उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की.

इस पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मामले में जांच चल रही है, इसलिए ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को तत्परता से काम करने और जनप्रतिनिधियों को संयम बरतने की सलाह दी. राठौड़ ने कहा कि यदि कहीं कोई विवाद हुआ है तो उसे सम्मानजनक तरीके से सुलझाया जाएगा. राठौड़ ने कहा कि कहीं भी कोई बात हुई है, तो उसे संभाल लेंगे. व्यवस्थित तरीके से विकास भी होगा, काम भी होगा और सम्मानजनक रास्ता भी निकालेंगे. 

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