'पंचायत-निकाय चुनाव कराने की मंशा नहीं', OBC आयोग का कार्यकाल बढ़ाने पर डोटासरा का सरकार पर वार

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पंचायतीराज में भी 15 जिले और करीब 112 के पंचायत समितियां हैं, जिनका कार्यकाल पूरा होना बाकी है, बाकी सब का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन सरकार वहां चुनाव नहीं कर रही है.

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OBC आयोग का कार्यकाल बढ़ाने पर डोटासरा का सरकार पर वार

राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने सरकार पर लोकतंत्र का मजाक बनाने का आरोप लगाया है. ओबीसी कमीशन का कार्यकाल सितंबर तक बढ़ाए जाने पर डोटासरा ने कहा कि सरकार चुनाव कराने की मंशा ही नहीं रखती. गोविन्द डोटासरा ने कहा कि नवंबर 2024 में 59 नगर परिषद और पालिकाओं के चुनाव पेंडिंग हो गए थे. उसके बाद सभी शहरी निकायों का कार्यकाल पूरा हो गया. आज एक भी ऐसी पालिका नहीं बची, जहां निर्वाचित जनप्रतिनिधि कम कर रहे हैं, अब सरकार ने सभी में प्रशासक लगा दिए हैं.

112 पंचायत समितियां का कार्यकाल पूरा होना बाकी

डोटासरा ने कहा कि पंचायतीराज में भी 15 जिले और करीब 112 के पंचायत समितियां हैं, जिनका कार्यकाल पूरा होना बाकी है, बाकी सब का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन सरकार वहां चुनाव नहीं कर रही है. डोटासरा ने कहा कि सरकार ओबीसी आयोग की तरफ से राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की रिपोर्ट नहीं आने का बहाना लगा रही है. पीसीसी चीफ ने कहा कि यह ना कानून मान रहे हैं, ना संविधान. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले भी नहीं मान रहे हैं. सरकार सब कुछ अपनी मनमर्जी से कर रही है.

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डोटासरा के आरोप पर भाजपा का पलटवार

डोटासरा के बयान पर बीजेपी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि आयोग का कार्यकाल बढ़ाना एक विधायी प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा स्थानीय निकाय में वन स्टेट–वन इलेक्शन के जरिए चुनाव कराने की है. रामलाल ने कहा कि ओबीसी कमीशन का काम होते ही चुनाव की घोषणा भी होगी और चुनाव भी होंगे. डोटासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय निकायों में प्रशासक बिठाकर विकास कार्य ठप कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट ने भी स्थानीय निकाय में शहरी और पंचायती राज के चुनाव 15 अप्रैल से पहले करने को कहा था. ऐसे में अगर 15 अप्रैल तक सरकार चुनाव नहीं करती है तो उन पर कोर्ट की अवमानना का मामला बनेगा. 

डोटासरा ने कहा कि आयोग का जब गठन किया गया तब सरकार ने 3 महीने में रिपोर्ट मांगी थी. यह सब काम जन आधार और दूसरे मौजूद डाटा के आधार पर किया जा सकता था. पीसीसी चीफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर यह रिपोर्ट नहीं ली जा रही है. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट तैयार है लेकिन वह इसलिए नहीं ली जा रही, क्योंकि रिपोर्ट लेंगे तो चुनाव कराने पड़ेंगे और चुनाव कराएंगे तो सरकार की पोल खुल जाएगी. डोटासरा के बयान पर बीजेपी रावक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कांग्रेस के नेता अहंकार की भाषा बोल रहे हैं. रामलाल ने कहा कि चुनाव होंगे तो बीजेपी के पक्ष में अच्छे नतीजे भी आएंगे और जनता कांग्रेस नेताओं की अहंकार की भाषा का जवाब देगी. 

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