राजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने महेंद्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में वापसी पर दावा किया, " कई और नेता भी हमारे संपर्क में है. हमारे यहां अनुशासन समिति बनी हुई है. वह निर्णय लेती है कि किस नेता को कांग्रेस में लेना है या नहीं. लेकिन अभी और नेताओं की घर वापसी भी कांग्रेस में हो सकती है." वहीं, जूली ने एसआईआर को लेकर एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 9 तारीख तक केवल 4 नाम हटवाने के लिए आपत्तियां लगाई गई थी. लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि 16 जनवरी तक ये नाम 18 हजार से ज्यादा हो गए. भाजपा के बड़े नेता जयपुर आए और उसके बाद ये हुआ है.
नेता प्रतिपक्ष ने लगाए ये आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लगातार एसआईआर के जरिए सुनियोजित रूप से नाम काटने की कोशिश की जा रही है. बीएलओ के जरिए नाम लगवा रहे हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं है. ये कानूनी रूप से भी गलत है. जो भी बीएलओ नाम लगा रहे हैं, उन्हें अंडरटेकिंग देनी होगी.
छपे छपाए फॉर्म कहीं ओर से आ रहे- जूली
कांग्रेस नेता ने कहा कि छपे हुए फॉर्मेट में फॉर्म आ रहे हैं, बीएलओ का तो बस नाम और हस्ताक्षर कर रहे हैं. बाकी नाम कहीं और से ही आ रहे हैं. हम इस मुद्दे को छोड़ने वाले नहीं है. संस्थाओं के जरिए लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है. ईडी और एसीबी के जरिए नेताओं को डरा रहे हैं. मालवीया ने कांग्रेस से जुड़ने का कहा तो उनके घर एसीबी भेज दी.
सवाल- जहां बीजेपी जीती, वहां की लिस्ट क्यों नहीं देते?
जूली ने कहा, "भाजपा प्रदेश में अपना जनाधार खो चुकी है, कांग्रेस की जीती हुई विधानसभा सीटों पर ही वोट काटे जा रहे हैं. जहां भाजपा जीती है, वहां के नामों की लिस्ट क्यों नहीं देते हैं. वहां क्या गलत नाम नहीं है क्या? लेकिन नहीं इन्हें नाम केवल हवामहल, आदर्श नगर में ही काटने हैं. मेरे विधानसभा क्षेत्र में ही करीब 20-25 हजार फार्म आए हैं."
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