Keoladeo National Park: भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क पक्षियों का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन यहाँ बड़ी संख्या में अजगर भी रहते हैं. सर्दियों में ये अजगर बिलों से बाहर आकर धूप सेंकते नजर आते हैं. पर्यटक उन्हें देखकर खुश होते हैं और कैमरे में कैद कर लेते हैं. पार्क के बीचों-बीच पाइथन एरिया है, जहाँ सैकड़ों अजगर दिखते हैं. यह डेंजर जोन है, आम लोगों को यहाँ जाने की अनुमति नहीं है, जो जाता है वह अपनी रिस्क पर जाता है. एनडीटीवी राजस्थान की टीम वहाँ पहुँची, जहाँ अजगरों का एरिया है, जहाँ कई अजगर पेड़ की टहनियों और बिलों के बाहर जमीन पर धूप सेंकते हुए नजर आए.
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के कर्मचारी गजेन्द्र सिंह ने बताया कि उद्यान में करीब 300 से अधिक विशालकाय अजगर पाए जाते हैं. इस उद्यान में मिलने वाले अजगरों की लंबाई 10 से 22 फुट होती है. केवलादेव नेशनल पार्क में पाए जाने वाले अजगर का वैज्ञानिक नाम पायथन मोलुरस है. सामान्य रूप से इन्हें भारतीय अजगर, इंडियन रॉक पायथन या एशियन रॉक पायथन भी कहा जाता है.
जगरों की लंबाई 10 से 22 फुट होती है
राष्ट्रीय उद्यान में अजगर के लिए भरपूर भोजन उपलब्ध
उन्होंने बताया कि केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में अजगर के लिए भरपूर भोजन उपलब्ध है. साथ ही अनुकूल परिस्थितियाँ और शिकारियों का खतरा कम होने के कारण यह पायथन के लिए अच्छी जगह है. अजगर परकोपाइन और जैकल के बिलों पर कब्जा कर स्थायी निवास बना लेते हैं. अजगर ठंडे खून वाले होते हैं, यही वजह है कि इन्हें सर्दी रास नहीं आती.
अजगर ठंडे खून वाले होते हैं, यही वजह है कि इन्हें सर्दी रास नहीं आती.
सुबह 10 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक इन्हें देख सकते हैं
इन दिनों सर्दियों का मौसम है, तो यह अपने बिलों से बाहर निकलकर धूप सेंकते हुए दिखाई देते हैं. सर्दियों में आप सुबह 10 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक इन्हें देख सकते हैं. इसके बाद यह अपने बिलों में चले जाते हैं. साथ ही कहा कि केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में अजगर को देखने का सबसे अच्छा समय यही है. हालांकि पार्क में इनका अलग क्षेत्र है, लेकिन इस समय यह पार्क में चारों ओर मिल रहे हैं. इसके अलावा सर्दी के कारण ही यह आसपास के गांव व शहर की सड़कों पर रेंगते हुए पहुँच रहे हैं.
क्या कहते हैं पर्यटक ?
पर्यटक दिनेश गुप्ता ने बताया कि वह दिल्ली से भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में आए हैं. उन्होंने कई पायथन देखे, जो अपने आप में खास हैं. इन्हें देखकर अच्छा लगा और पार्क भी अच्छा है, यहाँ आकर मन को शांति मिलती है. भरतपुर निवासी राहुल ने बताया कि उन्होंने कई अजगर देखे हैं, लेकिन इस पार्क में अजगर बड़ी संख्या में सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा दिखाई देते हैं. भरतपुर जिला कलेक्टर कमल चौधरी भी अजगरों को देखकर गदगद हो गए. उन्होंने भी कहा कि इस समय पार्क में बड़ी संख्या में माइग्रेटरी पक्षी हैं, सर्दियों का सीजन पाइथन और पक्षियों को देखने के लिए सबसे अच्छा है.