Rajasthan News: राजस्थान के दौसे जिले से खाकी को शर्मसार करने का एक और मामला सामने आया है, जिसमें पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है. एक तरफ लोग पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं तो वहीं दूसरी और बीजेपी नेता कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गए हैं, और मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहे हैं. इस बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश का पहला बयान सामने आया है, जिसमें वे पीएम मोदी पर जमकर हमला बोलते नजर आ रहे हैं.
'बीजेपी के पास सिर्फ 2 हथियार'
जयराम रमेश ने मीडिया में बयान देते हुए कहा, 'राजस्थान में बीजेपी मुद्दाहीन है. उनके के पास सिर्फ दो ही हथियार हैं. पहला- ED और CBI, जो 2-3 दिन के लिए दिवाली का ब्रेक लेंगे, उसके बाद फिर से सक्रिय हो जाएंगे. जबकि दूसरा हथियार है- ध्रुवीकरण की भाषा. प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, असम के मुख्यमंत्री, सब ध्रुवीकरण की भाषा अपनाएंगे. क्योंकि ये लोग परेशानी में हैं. घबराए हुए हैं. बौखलाहट में हैं. क्योंकि पिछले 5 साल में राजस्थान में जो काम हुआ है, वो और कहीं नहीं हुआ. ये सभी समझ गए हैं कि राजस्थान की जनता खुश है. अब इससे ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री ध्रुवीकरण की भाषा अपना रहे हैं.'
'प्रधानमंत्री के झूठ का जवाब नहीं'
इसी क्रम में बोलते हुए जयराम रमेश ने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री ने उदयपुर में कन्हैया लाल हत्याकांड के वक्त ये आरोप लगाया था कि राजस्थान पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. जबकि 4 घंटे के अंदर उदयपुर में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन वो बीजेपी का कार्यकर्ता निकला. उस पर जो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी वो हो रही है. उसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी झूठ बोलते हैं. अब कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री के झूठ के खिलाफ कोई जवाब नहीं है. सिर्फ ये कहना कि ये झूठ है..ये कैसे कहें? महिलाओं पर अत्याचार कहीं भी होता है, वो शर्मनाक, निंदनीय है. महिलाओं पर अत्याचार, दलितों पर अत्याचार, आदिवासियों पर अत्याचार के मामले में मध्य प्रदेश सबसे ऊपर स्थान पर है. राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.'
आखिर क्या है पूरा मामला?
राजस्थान के दौसा जिले में चुनाव ड्यूटी पर तैनात राजस्थान पुलिस के सब-इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार दोपहर 4 साल की नाबालिग बच्ची से बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया. बच्ची आरोपी पुलिसकर्मी के कमरे के पास खेल रही थी, इसी दौरान उसने बहला-फुसलाकर उसे अंदर बुला लिया. बाद में जब बच्ची ने पूरी बात अपने परिजनों को बताई तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने मिलकर आरोपी पुलिसकर्मी को घसीट-घसीटकर पीटा. इसके बाद पुलिस ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर लिया, जिसमें भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी शामिल हुए. दबाव बनता देख एएसपी ने आरोपी पुलिसकर्मी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया. सांसद मीणा ने आरोपी को बर्खास्त करने, पीड़ित परिवार को 1 सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये देने की मांग की है. इस घटना से जनता में काफी आक्रोश है. इस मामले में बीजेपी लगातार सीएम गहलोत से जवाब मांग रही है, लेकिन मुख्यमंत्री इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं.