Rajasthan SOG Action: स्पेन से खरीदा स्पाई कैमरा... ब्लूटूथ डिवाइस से परीक्षा में करवाया नकल; 4 कनिष्ठ लिपिक गिरफ्तार

गैंग के सरगना पौरव कालेर ने दिनेश से 3 लाख रुपये में, मनोज से 4 लाख रुपये में, रमेश से 5 लाख रुपये में और मनीष से 3 लाख रुपये में सौदा किया था. नकल करवाने के लिए स्पेन से स्पाई कैमरा मंगवाया गया था.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
ब्लूटूथ डिवाइस परीक्षा में नकल करने वाले 4 कनिष्ठ लिपिक गिरफ्तार

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ SOG की कार्रवाई लगातार जारी है. अब एसओजी ने हाईकोर्ट, जोधपुर द्वारा आयोजित कनिष्ठ लिपिक (ग्रेड- सेकेंड) भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करने वाले 4 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है. यह परीक्षा 12 मार्च 2023 और 19 मार्च 2023 को हुई थी. परीक्षा में हाई टेक तरीके से नकल करवाने वाले गैंग के सरगना ने स्पेन से 90 हजार रुपये में स्पाई कैमरा मंगवाया था. मामले में अब तक गैंग के सरगना समेत कुल 20 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है.

लाखों रुपये लेकर करवाते थे नकल

SOG के ADG बंसल ने बताया कि इसी अवधि में आयोजित हुई EO-RO परीक्षा में भी अनुचित साधनों के इस्तेमाल करने की सूचना मिली थी. जिसकी जांच में सामने आया कि पेपर लीक सरगना पौरव कालेर और उसका साथी तुलसाराम कालेर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से रियल-टाइम उत्तर भरवाने का कार्य कर करवा रहे थे. मामले में मुकदमा दर्ज कर पौरव कालेर को गिरफ्तार किया गया था. 

Advertisement

एसओजी की जांच में पता चला कि हाईकोर्ट कनिष्ठ लिपिक परीक्षा भी इसी गिरोह द्वारा आउट कर नकल करवाई गई थी. मामले की गहन जांच के बाद परीक्षा में शामिल हुए 4 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी आरोपियों में चूरू के रूखासर निवासी दिनेश कुमार पुत्र श्रवण कुमार, सीकर के श्यामपुरा (पूर्वी) निवासी मनोज कुमार बोरान पुत्र बजरंग लाल, चूरू के रेबारी बास निवासी रमेश कुमार पुत्र सरजीत सिंह और नागौर जिले के छापरी खुर्द निवासी मनीष बुडिया पुत्र रामशिविर शामिल रहे.

कितने में किससे हुआ सौदा

इन सभी ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर 2023 में 12 मार्च और 19 मार्च को परीक्षा दी थी. नकल करवाने वाले गैंग के सरगना पौरव कालेर ने दिनेश से 3 लाख रुपये में, मनोज से 4 लाख रुपये में, रमेश से 5 लाख रुपये में और मनीष से 3 लाख रुपये में सौदा किया था. पौरव कालेर ने नकल करवाने के लिए स्पेन से 90,000 रुपये में स्पाई कैमरा मंगवाया. फिर गैंग के उन दो सदस्यों को कैमरा दिया गया जो परीक्षा में अभ्यर्थी बनकर भाग ले रहे थे. जैसे ही उनको प्रश्न पत्र मिला तो तुरंत ही इन्होंने इस स्पाई कैमरे से पूरे प्रश्न पत्र की स्क्रीनशॉट लेकर सरगना पौरव कालेर को भिजवा दिया.

प्लान के अनुसार सरगना पौरव कालेर प्रश्न को सॉल्व करने के लिए एक्स्पर्टस के साथ एक नियत स्थान पर तैयार था. जैसे ही उसके पास में प्रश्न पत्र आया तो उसने तुरंत ही उसका प्रिंट निकालकर अपनी सॉल्वर एक्सपेर्ट टीम को दे दिया, जिन्होंने तुरंत प्रश्न पत्र सॉल्व करके और उसके उत्तर पौरव कालेर को दे दिए. इसके बाद पौरव कालेर द्वारा मोबाइल से जिन-जिन अभ्यर्थियों को उसने ब्लूटूथ डिवाइस दी थी, उनसे एक विशेष डिवाइस की मदद से संपर्क किया और उन सभी को सही उत्तर पढ़ा दिए.