Kota News: राजस्थान में कोटा के जवाहर नगर क्षेत्र में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है. संभागीय कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहर में अनाधिकृत और जर्जर इमारतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर पूरे शहर में सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. बैठक की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त अनिल कुमार ने की. इसमें रेंज आईजी राजेंद्र प्रसाद, जिला कलेक्टर पीयूष समारिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में जवाहर नगर हादसे की गहन समीक्षा करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर चर्चा की गई. संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी तरह का जोखिमपूर्ण या नियमों के खिलाफ निर्माण कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब हर निर्माण कार्य से पहले संबंधित विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
''टीम गठित कर शहरभर में अनाधिकृत निर्माणों का सर्वे करें''
नगर निगम के सभी जोन डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे टीम गठित कर शहरभर में अनाधिकृत निर्माणों का सर्वे करें. बिना अनुमति या नियमों के विपरीत बनी इमारतों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर इमारतों को सीज करने के साथ-साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं दी जाएगी.
यह भी पढ़ें-