Rajasthan Teacher Transfer: जिस गुरु ने बच्चों को 'हवाई सैर' कराई, उनके तबादले पर अनशन पर बैठे छात्र, विरोध में गांव का बाजार भी बंद

भीलवाड़ा के नंदराय गांव में छात्र और ग्रामीण इस बात से नाराज हैं कि उनके प्रिय शिक्षक शंकरलाल जाट, जिन्होंने अपनी निजी बचत से मेधावी छात्रों को हवाई यात्रा करवाई थी, उन्हें अब गांव से स्थानांतरित कर दिया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के नंदराय गांव में एक शिक्षक के प्रति छात्रों और ग्रामीणों का ऐसा अटूट प्रेम देखने को मिल रहा है, जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है. बीते शनिवार को शिक्षा विभाग की तरफ से जारी तबादला लिस्ट में जब व्याख्याता शंकरलाल जाट (Lecturer Shankarlal Jat) का नाम आया, तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया. देखते ही देखते यह सन्नाटा 'विद्रोह' में बदल गया और अब छात्र-छात्राएं कड़ाके की सर्दी में स्कूल के बाहर अनशन पर बैठ गए हैं.

कड़ाके की ठंड में अलाव के सहारे काटी रात

सोमवार रात 10 बजे से ही छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बाहर डेरा डाल दिया. कड़ाके की सर्दी के बावजूद बच्चे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. मंगलवार सुबह होते-होते स्कूल की छात्राओं ने भी मोर्चा संभाल लिया. छात्रों का कहना है कि जब तक शंकरलाल जाट का तबादला निरस्त नहीं होता, वे अनशन खत्म नहीं करेंगे. दोपहर 12 बजे के बाद ग्रामीणों ने भी इस आंदोलन को समर्थन देते हुए गांव के बाजार बंद कर दिए हैं.

अपने खर्च पर बच्चों को कराई थी हवाई यात्रा

Photo Credit: NDTV Reporter

यह सिर्फ एक तबादले का विरोध नहीं है, बल्कि उस बदलाव का सम्मान है जो शंकरलाल जाट नंदराय में लेकर आए. सितंबर 2025 में शंकरलाल जाट और शिक्षक अजय कुमार ने अपना वादा निभाते हुए 90% से अधिक अंक लाने वाले 5 छात्रों को दीव-दमन और अहमदाबाद की हवाई यात्रा कराई थी. इस ट्रिप पर उन्होंने बच्चों को सोमनाथ मंदिर, INS खुकरी और साबरमती रिवरफ्रंट जैसे स्थानों का भ्रमण कराकर उन्हें किताबी ज्ञान से बाहर की दुनिया दिखाई. इतना ही नहीं, जिस सरकारी स्कूल के परिणाम औसत रहते थे, वहां इनके आने के बाद 52 में से 48 छात्रों ने 70% से ज्यादा अंक हासिल किए.

'एकेडमिक माहौल बिगाड़ने की साजिश'

ग्रामीणों का कहना है कि शंकरलाल जाट ने न केवल कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में स्कूल की व्यवस्था सुधारी, बल्कि छात्रों के भविष्य को नई उड़ान दी. उनके तबादले से स्कूल का पढ़ाई का माहौल बिगड़ जाएगा. बच्चों का कहना है, 'जिस गुरु ने हमें उड़ना सिखाया, उन्हें हमसे दूर क्यों किया जा रहा है?'

Advertisement

ये भी पढ़ें:- खाटूश्यामजी में 10 करोड़ रुपये से 'साफ' होगा रोजाना का 50 क्विंटल कचरा! यह फैसला बदल देगा खाटूधाम की तस्वीर

LIVE TV