Rajasthan Govt' New Rule: राजस्थान में नगरीय निकायों के अधिकारों में बढ़ोतरी होगी. नगरीय निकायों को अधिकार देने की तैयारी कर रही है. भजनलाल सरकार प्रदेश के नगरीय निकायों, विकास प्राधिकरणों और नगर विकास न्यासों को शक्तिशाली बनाने की तैयारी में है. सरकार की ओर से यह प्रस्ताव हो चुका है. जिसके मुताबिक, संस्थाएं अब पहले की तुलना में बड़े भूखंडों के पट्टे जारी करने, ऊंची इमारतों के निर्माण को स्वीकृति देने और बड़े भूखंडों के उप विभाजन व पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण फैसले खुद ले सकेंगी. इस प्रस्ताव को स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा स्वीकृति दे चुके हैं.
कल हो सकती है औपचारिक घोषणा
कल (28 मार्च) को राजस्थान दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इसकी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं. सरकार के इस कदम से नगरीय निकायों को ज्यादा अधिकार मिलेंगे, जिससे शहरी विकास की प्रक्रियाएं तेज हो सकेंगी. यह फैसला बड़े प्रोजेक्ट्स और हाई-राइज़ बिल्डिंग्स के निर्माण को सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
नियम बदले तो ये होगी राहत
नए प्रावधानों के मुताबिक, विकास प्राधिकरण (UDA) को 25 हजार वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के पट्टे जारी करने के अधिकार होंगे. साथ ही 10 हजार वर्ग मीटर तक के गैर-आवासीय भूखंडों के पट्टे भी जारी कर सकेंगे. इसके अलावा 60 मीटर तक ऊंची इमारतों के निर्माण की स्वीकृति दे सकेंगे.
वर्तमान में नियमों के मुताबिक ये हैं अधिकार
फिलहाल नगर विकास न्यास (UIT) और अन्य निकाय के पास 10 हजार वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के पट्टे जारी करने का ही अधिकार है. गैर-आवासीय भूखंडों के मामले में यह सीमा 5 हजार वर्ग मीटर तक है और 40 मीटर तक ऊंची इमारतों को मंजूरी देने का अधिकार होगा.
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