राजस्‍थान के इस गांव में एक भी मुस्‍ल‍िम नहीं फिर भी नाम पड़ गया मोहम्‍मदपुरा, अब बदल गया नाम 

कोटा के मोहम्‍मदपुरा गांव में 70 घर हैं, जहां पर केवल ह‍िंदुओं के मकान हैं. फ‍िर कैसे इसका नाम मोहम्‍मदपुरा पड़ा? इसके पीछे की कहानी बड़ी द‍िलचस्‍प है. 

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कोटा के मोहम्मदपुरा गांव का नाम बदलकर मोहनपुरा कर दिया गया है. पहले स्कूल और हर जगह मोहम्मदपुरा ही लिखा था.

कोटा की पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र के दीगोद तहसील के गांव मोहम्मदपुरा का नाम अब मोहनपुरा कर दिया गया है. इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, फिर इसका नाम मोहम्मदपुरा था. रियासत काल में जो चौकी गांव में मौजूद थी, उसके प्रभारी का नाम मोहम्मद था. इसीलिए इस गांव का नाम मोहम्मदपुरा पड़ गया था, और यही नाम सरकारी रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गया था.   

ग्रामसभा ने प्रस्ताव पारित किया था 

गांव का नाम बदले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. मदनपुर ग्राम पंचायत के गांव मोहम्मदपुरा में फिलहाल 70 मकान हैं, जिसमें गुर्जर और कीर जाति के लोग रहते हैं. सरपंच मूलचंद गुर्जर ने बताया कि ग्रामीणों ने नाम बदलने की मांग की थी. ग्रामीणों का कहना था कि इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी गांव का नाम मोहम्मदपुरा है. इसको बदलकर मोहनपुरा रखा जाए. इसके बाद करीब 1 साल पहले ग्रामसभा में प्रस्ताव पास कर अग्रिम कार्रवाई के लिए सरकार के समक्ष भेजा गया था.

कैसे गांव का नाम मोहम्मदपुरा पड़ा?

सरपंच मूलचंद गुर्जर का कहना है कि रियासत काल में वहां चौकी हुआ करती थी, और चौकी प्रभारी मोहम्मद नाम का व्यक्ति था. उसी के नाम से गांव का नाम मोहम्मदपुरा हो गया था. राजस्व रिकॉर्ड में भी मोहम्मदपुरा दर्ज हो गया. नाम बदलने के बाद सरपंच और ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है. 

चंबल नदी तट पर है गांव 

पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र का मोहम्मदपुरा गांव तहसील मुख्यालय दीगोद से करीब 46 किलोमीटर दूर चंबल नदी के किनारे बसा है. नायब तहसीलदार हेमराज नगर बताते हैं कि गांव में ज्यादातर लोग खेती करते हैं. कीर और गुर्जर समाज के लोगों के मकान हैं, और करीब 612 हेक्टयर क्षेत्रफल में यह गांव है. इसमें खेती की भी जमीन शामिल है.   

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स्‍पीकर ओम बिरला से की थी मांग 

गांव मोहम्मदपुरा का नाम बदलने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी सरपंच मूलचंद गुर्जर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा था. जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ने आश्वास्त किया था कि वह इस संबंध में बातचीत करेंगे. सरपंच और ग्रामीणों ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया है. 

खेड़ा रसूलपुर का भी बदला था नाम 

कोटा जिले की लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के खेड़ा रसूलपुर का नाम पिछले दिनों बदलकर खेड़ा रामपुर किया गया था. ग्रामीणों ने गांव का नाम बदलने की मांग की थी, जिस पर राजस्थान सरकार की ओर से केंद्र से मिली अनुमति के बाद गांव का नाम खेड़ा रामपुर करने की अधिसूचना जारी हुई थी, जिस पर ग्रामीणों ने दीप जलाकर खुशी का इजहार किया था.

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वहीं, अब कोटा की पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र के मोहम्मदपुरा गांव का नाम मोहनपुरा रखे जाने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हमारे बुजुर्गों की भी इच्छा थी कि गांव का नाम बदला जाए, लेकिन देर से ही सही हमारे गांव का नाम अब मोहनपुरा हो गया है. यह हमारे लिए गर्व की बात है. 

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