राजस्थान में कमजोर मानसून का दौर जारी है. पिछले एक सप्ताह से प्रदेशवासी बारिश को तरस गए हैं. बरसात कम होने से किसान से लेकर आम आदमी तक सब परेशान हैं. खेतों में खड़ी दाल, मोटे अनाज की खरीफ की फसलें सूखने लगी हैं. वहीं, अगले 2 दिन मौसम शुष्क रहने की ही संभावना है. शुक्रवार (17 जुलाई) को कोटा, डूंगरपुर और अलवर में कुछ जगहों पर बरसात हुई, लेकिन अधिकांश प्रदेश सूखा पड़ा है.
अमृतसर-पटना से होकर गुजर रही ट्रफ लाइन
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी भारत के ऊपर बना वेल मार्क लो प्रेशर एरिया आज कमजोर होकर कम दबाव क्षेत्र में परिवर्तित हो चुका है. यह परिसंचरण तंत्र आज पश्चिम बंगाल, झारखंड व आसपास के उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है. मानसून ट्रफ लाइन अमृतसर, चंडीगढ़ और पटना से होकर गुजर रही है.
राज्य के अधिकांश भागों में कमजोर मानसून परिस्थितियां आगामी 3-4 दिन जारी रहने की प्रबल संभावना है. हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में 21 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
22-23 जुलाई से फिर होगी बारिश
राज्य के पश्चिमी व मध्य भागों में भी 22-23 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. 23 से 28 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है.
तापमान 41 डिग्री के पार
बारिश थमने से गर्मी बढ़ती जा रही है. श्रीगंगानगर में पारा एक बार फिर सर्वाधिक दर्ज किया गया. यहां तापमान 41.8 डिग्री पहुंच गया है. इसके अलावा बीकानेर, चूरू, पिलानी का तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज हुआ. जुलाई में उमस भरी गर्मी लोगों के पसीने छुड़ा रही है.
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