राजस्थान में मानसून एक बार फिर धीमा पड़ सकता है. हालांकि, 2 दिन प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. अगले 2 दिन बाद यानी 3 अगस्त से बरसात की बौछार धीमी होने की संभावना है. फिलहाल, मानसून भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. वहीं, अब तक मानसून की कुल बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम रही है. शुक्रवार (31 जुलाई) को प्रतापगढ़ के दलोत और सिरोही के रेवदर में 20-20 मिमी, बाड़मेर के धोरीमन्ना में 16 मिमी, जालोर के जसवंतपुरा में 15 मिमी और बाड़मेर के रामसर में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई.
सिरोही-जालोर में ऑरेंज अलर्ट
कोटा, प्रतापगढ़ और सिरोही में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. जबकि जालोर, जयपुर, दौसा, बाड़मेर, अलवर और भरतपुर के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ीं. मौसम विभाग ने शनिवार (1 जुलाई) को प्रदेश के 22 जिलों में बरसात का येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, सिरोही और जालोर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, यानी यहां अतिभारी वर्षा की संभावना है.
रेगिस्तान में उसम-गर्मी से लोग बेहाल
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 2 अगस्त तक दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. वहीं जयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. इधर, पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां धीमी पड़ने से गर्मी और उमस से लोग परेशान है. शनिवार को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर में पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
इस वजह से कमजोर पड़ेगा मानसून!
विशेषज्ञों के मुताबिक, 3 अगस्त से मानसून ट्रफ लाइन के सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है. इसके चलते बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से उत्तरी हिस्सों में सिमट सकती हैं और प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के संकेत हैं.
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