रविंद्र सिंह भाटी के 4 दिन पुराने 'पेट्रोल कांड' पर भड़के राजेंद्र राठौड़, बोले- 'हक के लिए लड़ो, पर ये नौटंकी मत करो'

राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने 19 मई की शाम खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया था. इस घटना के 4 दिन बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ का बयान सामने आया है. जानिए उन्होंने क्या-क्या कहा?

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शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के आत्मदाह के प्रयास पर राजेंद्र राठौड़ का तीखा हमला, कहा- लोकतंत्र में इस आचरण की जगह नहीं. (फाइल फोटो)

Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) के प्रदर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. चार दिन पहले, यानी 19 मई को बाड़मेर कलेक्ट्रेट के सामने रविंद्र भाटी द्वारा खुद पर पेट्रोल छिड़कने की जो घटना हुई थी, उस पर आज (23 मई को) सियासत एक बार फिर गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Singh Rathore) ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा हमला बोलते हुए विधायक भाटी के उस कदम को सीधे शब्दों में 'नौटंकी' करार दिया है.

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा विवाद बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर पिछले 39 दिनों से चल रहे मजदूरों के धरने से जुड़ा है. वहां जमीन अधिग्रहण के बाद स्थानीय युवाओं को नौकरी न मिलने से नाराजगी थी. मजदूरों की मांग थी कि उन्हें 8 घंटे की ड्यूटी मिले और रोजगार के पुराने वादे पूरे हों. इस आंदोलन को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपना पूरा समर्थन दिया था. इसी सिलसिले में 4 दिन पहले (19 मई को) कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया था, जब विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और माचिस से आग लगाने की कोशिश करने लगे. हालांकि, वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने फुर्ती दिखाई और समय रहते भाटी को पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया था.

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राजेंद्र राठौड़ ने क्या कहा?

इस घटना के चार दिन बाद, शनिवार को चूरू के सुजानगढ़ पहुंचे बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भाटी के उस तरीके पर कड़ा ऐतराज जताया. मलसीसर गांव में जब मीडिया ने राठौड़ से इस प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में इसे गलत ठहराया. राठौड़ ने कहा कि हमारे संसदीय लोकतंत्र में ऐसे आचरण या तौर-तरीकों की कोई जगह नहीं है. उन्होंने भाटी को नसीहत देते हुए साफ किया कि अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने का हक हर किसी को है, लेकिन लड़ाई लड़ने का तरीका हमेशा मर्यादित होना चाहिए.

हाईकोर्ट ने दिए थे ये निर्देश

गौरतलब है कि 19 मई की इस घटना से ठीक पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने भी माइंस से लिग्नाइट का परिवहन तुरंत शुरू करने और बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे. ऐसे में कानूनी और प्रशासनिक दबाव के बीच, आज राजेंद्र राठौड़ द्वारा रविंद्र भाटी के तरीके को 'नौटंकी' बताने के बाद प्रदेश का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है.

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