राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट (Sachin Pilot ) के दिवंगत पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे राजेश पायलट पर टिप्पणी करने के मामले में भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर अजमेर जिला देहात कांग्रेस कमेटी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन देते हुए अमित मालवीय के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महासचिव वैभव जैन ने कहा कि एक सोची समझी साजिश के तहत भारतीय सेना व तत्कालीन वायु सेना के पायलट राजेश पायलट को बदनाम किया जा रहा है.
राजेश पायलट के बारे में क्या कहा था अमित मालवीय ने ?
भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने 13 अगस्त को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा था कि राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना के उन विमानों को उड़ा रहे थे जिन्होंने 5 मार्च 1966 को मिजोरम की राजधानी आइजोल पर बम गिराए. बाद में दोनों कांग्रेस के टिकट पर सांसद और सरकार में मंत्री भी बने. साफ़ है कि नार्थ ईस्ट में अपने ही लोगों पर हवाई हमला करने वालों को इंदिरा गांधी ने बतौर इनाम राजनीति में जगह दी, सम्मान दिया।
सचिन पायलट ने मालवीय के दावे पर किया था पलटवार
अमित मालवीय के इस दावे पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इसे भ्रामक और तथ्यहीन बताया था. सोशल साइट एक्स पर अमित मालवीय के दावे का जवाब देते हुए उन्होंने लिखा 'स्व. श्री राजेश पायलट जी दिनांक 29 अक्टूबर, 1966 को भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे.
यह कहना कि उन्होंने 5 मार्च 1966 में मिजोरम में बमबारी की थी- काल्पनिक है, तथ्यहीन है और पूर्ण तरह भ्रामक है. हां, 80 के दशक में एक राजनेता के रूप में मिजोरम में युद्ध विराम करवाने और स्थायी शांति संधि स्थापित करवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका जरूर निभाई थी. स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं, जय हिन्द.''