आमतौर पर इंसान जमीन खरीद कर अपने लिए आलीशान मकान बनाता है. लेकिन राजसमंद से ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक दंपति ने मकान बनवाने के साथ पक्षियों के लिए भी जमीन खरीदी. यहां हर दिन 10 हजार से अधिक तोते को दाना-पानी मिल रहा है. पक्षियों की कलरव देखने के लिए बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी पहुंचते हैं. पक्षियों की सेवा के लिए पति-पत्नी को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है. यह परिवार कांकरोली स्थित गोवर्धन बिहार में रहता है. इन्होंने जब जमीन खरीद कर मकान बनवाया तो पास के प्लॉट को खरीद कर बेजुबान पंछियों के लिए भी स्थाई आशियाना बनाया.
प्लॉट में हैं 100 से अधिक घोंसले
यहां हजारों पक्षियों के लिए पेड़ पौधे लगाए और दाना-पानी की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पक्षियों के दाना चुगाने के लिए यहां प्लेट लगाई और स्टोर रूम बनाए गए हैं. केवल इतना ही नहीं 100 से अधिक घोंसले लगाए हैं. इसमें बड़ी संख्या में अंडे और चूजे मौजूद हैं.
करीब 5 साल से कर रहे हैं सेवा
करीब 5 साल से इन पक्षियों की सेवा कर रहे रानी बाला और हरदन बाला की मेहनत का नतीजा है कि सुबह और शाम 10 हजार तोते समेत कबूतर, गोरैया या जैसे पक्षियों का यहां शोर मचा रहता है. इनके सेवा कार्य से प्रभावित होकर रानीबाला के मित्र और पड़ोसी भी इस कर्म को निभाने में पूरा सहयोग करते हैं. सुबह और शाम करीब 50 किलो दाना इन पंछियों के लिए रखा जाता है.
सीसीटीवी से होती है निगरानी
यह दंपति अपनी आय से ही पछियों के दाना-पानी की व्यवस्था करते हैं. कुछ पक्षी प्रेमी और मित्र भी इस काम में सहयोग कर रहे हैं. लोग बाला दम्पति की इस मूक पक्षी सेवा को देखकर लगातार जुड़ते जा रहे हैं. शोर-शराबा सुनकर यह तोते उड़ ना जाए इसके लिए विशेष तौर पर यहां सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी की जाती हैं. अब तो हालात यह है हजारों तोतों के आने से आसपास लगे पेड़ों पर पत्ते गायब हो चुके हैं. लेकिन तोतों के बैठने पर पेड़ हराभरा नजर आता है.
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