Dholpur News: धौलपुर जिले की विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने बहुचर्चित एक मामले में एक मुल्जिम को आखरी सांस तक की सजा सुनाई है. साथ ही 31 हजार पांच सौ रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया हैं. कोर्ट ने 'पीड़ित प्रतिकार स्कीम' के तहत पीड़ित नाबालिग को पांच लाख रुपए दिए जाने के भी आदेश दिए हैं.
पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि धौलपुर जिले के महिला पुलिस थाना पर 26 नवम्बर 2022 को 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ मारपीट और जबरन दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था. साथ ही नाबालिग के गुप्तांगो में कांच की बोतल से घायल कर दिया था. पीड़ित नाबालिग को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था.
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान तैनात डॉक्टर की राय के बाद महिला थाना एसएचओ मंजू फौजदार ने जिला अस्पताल पहुंच कर पीड़िता के पर्चा बयान लेखबद्ध किये थे और मामला दर्ज कर जांच सीओ सिटी सुरेश सांखला को सौंपी गई. अनुसंधान के दौरान सीओ सिटी सुरेश सांखला ने आरोपी बल्देव को 8 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार कर पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश किया. आरोपी बल्देव न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा हैं.
कोर्ट में 18 गवाह पेश किये गए
विशिष्ट लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से जयपुर के एसएमएस रैफर कर दिया गया.जहां उसके दो ऑपरेशन हुए. मामले में अनुसंधान के दौरान कमी रहने पर कोर्ट में राज्य सरकार की और से आवेदन पत्र प्रस्तुत कर दूर किया. कोर्ट में 18 गवाह पेश किये गए और दस्तावेजों को साबित कराया गया.
दो दिन लम्बी बहस चली
मामले में पॉक्सो न्यायाधीश राजकुमार ने दो दिन तक लम्बी बहस और लोक अभियोजक की दलील सुनने के बाद शुक्रवार को मुल्जिम बल्देव पुत्र तहसीलदार सिंह निवासी गांव सूबेदार का पुरा जिला धौलपुर को दोषी करार देते हुए उसे आखरी सांस तक की सजा सुनाई है. साथ ही 31 हजार पांच सौ रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया हैं.कोर्ट ने पीड़ित प्रतिकार स्कीम के तहत पीड़ित नाबालिग को पांच लाख रुपए दिए जाने के भी आदेश दिए हैं.