झोपड़ी में चल रहे स्कूल पर सियासत तेज, 'कागजी दिखावे' के बहाने रविंद्र भाटी ने हरीश चौधरी को घेरा

Rajasthan News: स्कूल भवन के निर्माण के लिए विधायक निधि से फंड देने पर रविंद्र सिंह भाटी ने हरीश चौधरी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दूसरी विधानसभा क्षेत्र में फंड देने के लिए पंचायती राज विभाग या संबंधित विभाग से एनओसी जरूरी है.

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राजस्थान: झोपड़ी में चल रहे स्कूल पर सियासत तेज

Rajasthan News: सीमावर्ती बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के रामसर पंचायत समिति के गंगाला गांव के आजाद नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से भवन निर्माण नहीं हो पाने के कारण शिक्षा व्यवस्था झोपड़ी में चल रही है. इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. यह विद्यालय 2023 के बजट घोषणा में शुरू हुआ था, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से भवन निर्माण में देरी के चलते बच्चे झोपड़ी में पढ़ाई कर रहे हैं. एनडीटीवी राजस्थान द्वारा इस खबर को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बायतू विधायक हरीश चौधरी ने सक्रियता दिखाई.

रविंद्र सिंह भाटी की तीखी प्रतिक्रिया

विधायक हरीश चौधरी ने अपने विधायक निधि से 6 लाख रुपये की राशि कक्षा कक्ष निर्माण के लिए अनुशंसित की. साथ ही राज्यसभा सांसद अशोक कुमार सिंह से भी 6 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दिलवाई. कुल 12 लाख रुपये की यह मदद स्कूल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इस पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

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'सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश'

उन्होंने कहा कि यह कदम नियमों के खिलाफ है और बायतू विधायक केवल सोशल मीडिया पर टीआरपी बटोरने के लिए ऐसा कर रहे हैं. भाटी ने बताया कि स्कूल के भवन के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान किया है, जहां एक पूर्ण व्यवस्थित भवन के लिए 70-80 लाख रुपये की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा मेरी विधानसभा क्षेत्र में जिन जनप्रतिनिधियों ने विकास में योगदान दिया, उनका मैं धन्यवाद करता हूं. भाटी ने आगे निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी विधानसभा में भी कई स्कूल भवन-विहीन हैं, वहां ध्यान दिया जाए तो वहां की जनता लाभान्वित होगी.

उन्होंने जोर देकर कहा कि दूसरी विधानसभा क्षेत्र में फंड देने के लिए पंचायती राज विभाग या संबंधित विभाग से एनओसी जरूरी है. जिला मुख्यालय स्तर पर ही कॉलेज या अस्पताल जैसे बड़े कार्यों के लिए विधायक निधि का उपयोग संभव है. ऐसे में हरीश चौधरी द्वारा दिया गया फंड महज कागजी दिखावा और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास है. 

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