RBSE Exam Class 10 2026: राजस्थान में दोस्त की जगह 10वीं बोर्ड का पेपर देने पहुंचा डमी कैंडिडेट, एक 'नजर' ने बिगाड़ा खेल

RBSE Exam Class 10 English Paper 2026: धौलपुर के राजाखेड़ा में एक डमी कैंडिडेट केंद्र अधीक्षक को चकमा देने ही वाला था, लेकिन अटेंडेंस शीट पर हुए हस्ताक्षरों ने पोल खोल दी. दोस्ती के खातिर कानून तोड़ने वाले दो पड़ोसियों की कहानी अब पुलिस की फाइलों में है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों नाबालिगों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है.
NDTV Reporter

Dholpur News: राजस्थान के धौलपुर जिले से 'मुन्नाभाई' स्टाइल में धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नाबालिग छात्र अपनी दोस्ती निभाने के चक्कर में कानून के शिकंजे में फंस गया. मामला राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं कक्षा की अंग्रेजी विषय की परीक्षा (10th Board English Exam 2026) से जुड़ा है.

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र के सरकारी स्कूल (Rajakhera High School) पागवली परीक्षा केंद्र पर मंगलवार को अंग्रेजी का पेपर चल रहा था. परीक्षा के दौरान केंद्र अधीक्षक सतर्कता बरत रहे थे. तभी उनकी नजर एक छात्र पर पड़ी. केंद्र अधीक्षक को परीक्षार्थी की पहचान पर संदेह हुआ. जब उन्होंने प्रवेश पत्र (Admit Card) में लगी फोटो और परीक्षा दे रहे छात्र के चेहरे का मिलान किया, तो दोनों में काफी अंतर नजर आया.

सिग्नेचर ने खोली पोल

शंका होने पर केंद्र अधीक्षक ने उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) पर छात्र के हस्ताक्षरों की जांच की. हस्ताक्षर और फोटो दोनों में भारी भिन्नता पाए जाने पर शक गहरा गया. जब अधीक्षक ने छात्र से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह घबरा गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह मूल परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने आया एक 'डमी कैंडिडेट' है.

दोस्ती या नादानी?

कोतवाली थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़ा गया डमी कैंडिडेट मूल अभ्यर्थी का पड़ोसी और करीबी दोस्त है. पूछताछ में डमी छात्र ने स्वीकार किया कि सिर्फ दोस्ती निभाने के नाते वह अपने दोस्त की जगह परीक्षा देने केंद्र पहुंच गया था. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों ही आरोपी नाबालिग हैं और एक ही इलाके में रहते हैं.

Advertisement

परिजनों के सुपुर्द किए गए नाबालिग

परीक्षा केंद्र प्रशासन की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. चूंकि मामला नाबालिगों से जुड़ा था, इसलिए थाना प्रभारी ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

अब आगे क्या?

थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, फिलहाल मामले में विस्तृत अनुसंधान जारी है. बोर्ड के नियमों और विधिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. उधर, शिक्षा विभाग ने इस घटना के बाद जिले के सभी केंद्रों को सत्यापन प्रक्रिया (Verification) और सख्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी धांधली न हो सके.

Advertisement

ये भी पढ़ें:- साध्वी प्रेम बाईसा की मौत जहर से हुई थी या नहीं? 11 दिन बाद आई FSL रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

LIVE TV देखें