राजस्थान विधानसभा को धमकी भरा मेल, 'दोपहर 12 बजे बम फटने वाले हैं, सभी VIP को तुरंत निकालें'

राजस्‍थान व‍िधानसभा को एक महीने में तीसरी बम से उड़ाने की धमकी म‍िली. यह सुरक्षा व्‍यवस्‍था पर बड़ा सवाल है. 

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बम मिलने की सूचना पर पहुंच पुलिस टीम.

राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक और ई-मेल मिला है, जो एक महीने के अंदर तीसरी बार ऐसी घटना है, हालांकि इससे पहले की धमकियों में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. विधानसभा कर्मचारियों को सतर्कता बरतते हुए भवन के बाहर रोका जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके. मेल में ल‍िखा- दोपहर 12 बजे विधानसभा में 5 सिलिकॉन 100 बेस RDX बम फटने वाले हैं. यह कोई मज़ाक नहीं है, सभी VIPs को तुरंत बाहर निकालें.

बम निरोधक दस्ते की टीम पहुंची  

इस धमकी के बाद बम निरोधक दस्ते की टीम, पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत विधानसभा परिसर में पहुंच गई हैं, जहां व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है, और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. 

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इससे पहले 24 अप्रैल को भी विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा है. उससे पहले ये धमकी कई सवाल खड़े करती है. 

24 अप्रैल को भी आया था मेल 

24 अप्रैल को आए मेल में आत्मघाती हमले की धमकी भी दी गई थी. मेल में लिखा था कि दिल्ली विधानसभा में पहले ही 4 साइनाइड गैस बम लगा दिए गए हैं. चेन्नई से LTTE और पाकिस्तान की ISI द्वारा प्रशिक्षित 2 स्वयंसेवकों को जयपुर लाया गया है. वे अपनी साड़ियों या कमीजों के नीचे इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (जैकेट) पहने होंगे. जब वे विधानसभा में रखे गए उन 4 बमों के बिल्कुल करीब पहुंचेंगे, तो बमों में लगा GPS अपने आप सक्रिय हो जाएगा और धमाका हो जाएगा. उन्हें आकर बम सक्रिय करने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी.

हालांकि, यदि किसी कारणवश धमाका होने से पहले ही बमों को निष्क्रिय कर दिया जाता है, तो वे दोनों व्यक्ति 'बेल्ट बम' पहने होंगे-ठीक वैसा ही जैसा राजीव गांधी की हत्या में इस्तेमाल किया गया था. 

पूर्व सीएम गहलोत ने उठाए थे सवाल 

राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मुद्दे पर गहलोत ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले भी हाई कोर्ट, एसएमएस स्टेडियम सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी. गहलोत ने आरोप लगाया कि तकनीकी प्रगति के बावजूद पुलिस अब तक यह पता लगाने में सफल नहीं हो पाई है कि ऐसी धमकियां कौन दे रहा है, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

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