Ranthambore Tiger Reserve: सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में शनिवार शाम की पारी में टाइगर सफारी पर जंगल भ्रमण पर गये सैलानियों को जंगल की असली जंग का एक रोमांचकारी नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर सैलानियों को जंगल की असली ताकत और संघर्ष का एहसास हो गया. रणथंभौर के ज़ोन नंबर 9 पर टाइगर सफारी करने गए सैलानियों में से यू.एस. से आए विदेशी सैलानियों ने अपने कैमरे में वन्यजीवन का यह अत्यंत दुर्लभ और रोमांचक दृश्य कैद किया, जो आमतौर पर बहुत कम सैलानियों को देखने को मिलता है.
दरअसल शाम की पारी में सफारी के दौरान सैलानी पहले वाइल्ड बोर की गतिविधियों को अपने कैमरे में कैद कर रहे थे. वाइल्ड बोर सूंघता हुआ धीरे-धीरे एक विशाल पेड़ की ओर बढ़ रहा था. दरअसल, पेड़ के पीछे चीतल का शिकार पड़ा हुआ था, जिसकी गंध ने वाइल्ड बोर को अपनी ओर आकर्षित कर लिया.
वाइल्ड बोर एक सर्वाहारी वन्यजीव होता है, जो जड़ें, फल, बीज, कीड़े, छोटे जीव और यहां तक कि सड़ा-गला मांस भी खा सकता है. जैसे ही वाइल्ड बोर पेड़ के पास पहुंचा, अचानक झाड़ियों के पीछे से लेपर्ड निकलकर सामने आ गया. पलभर में ही दोनों आमने-सामने थे.
इसके बाद जो हुआ, वह जंगल की सबसे रोमांचक और दुर्लभ झलक थी. लेपर्ड और वाइल्ड बोर के बीच करीब 10 मिनट तक जबरदस्त भिड़ंत चली.
आखिरकार लेपर्ड ने अपनी फुर्ती और ताकत का प्रदर्शन करते हुए वाइल्ड बोर को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और चीतल के शिकार पर अपना अधिकार बनाए रखा. यू.एस. के पर्यटकों द्वारा ली गई ये तस्वीरें इस रोमांचक पल की गवाही बन गईं.
पर्यटक वाहन चालक और ड्राइवर यूनियन के उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन खान ने विदेशी पर्यटक द्वारा खींची गई इस दुर्लभ तस्वीर को "मीडिया" के साथ साझा किया और अपनी आंखों देखी इस अद्भुत जंग की पूरी जानकारी दी. रणथंभौर का यह दृश्य न सिर्फ वन्यजीवन की क्रूर लेकिन संतुलित सच्चाई को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि जंगल में हर पल संघर्ष, रणनीति और ताकत का खेल चलता रहता है. यही कारण है कि रणथंभौर सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति के सबसे जीवंत और रोमांचक रहस्यों का घर भी है.
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