Bikaner News: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के बीकानेर जिले में एक बार फिर सरहद पार की संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षा व्यवस्था और आम जनजीवन में हड़कंप मचा दिया है. खाजूवाला इलाके में पिछले 24 घंटों के भीतर मोबाइल स्क्रीन्स पर चमकते पाकिस्तानी कंट्री कोड (+92) ने न केवल ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है, बल्कि देश की सुरक्षा में तैनात दिग्गज एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर ला खड़ा किया है. यह मामला महज एक कॉल का नहीं, बल्कि सीमा पार से बुने जा रहे किसी बड़े 'डिजिटल जाल' की ओर इशारा कर रहा है.
एक दिन में 20 से 25 वॉट्सऐप कॉल
जानकारी के अनुसार, खाजूवाला के एक स्थानीय निवासी के मोबाइल पर मंगलवार को अचानक पाकिस्तानी नंबर से कॉल्स आने का सिलसिला शुरू हुआ. हैरानी की बात यह रही कि कॉल करने वाले ने एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे दिन में करीब 20 से 25 बार ऑडियो और वॉट्सऐप कॉल किए. एक ही संदिग्ध नंबर से बार-बार आती इन कॉल्स ने पीड़ित को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया. जब कॉल्स का सिलसिला नहीं थमा, तो पीड़ित ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत खाजूवाला पुलिस थाने की शरण ली और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी.
पहली बार किसी एक व्यक्ति को टारगेट
सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों का इतिहास पुराना है, लेकिन एक ही व्यक्ति को टारगेट कर इतनी बड़ी संख्या में कॉल करना सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे कॉल के जरिए अक्सर सीमा पर तैनात सेना की मूवमेंट, सामरिक ठिकानों की स्थिति या स्थानीय लोगों को प्रलोभन देकर जासूसी नेटवर्क में फंसाने की कोशिश की जाती है. 'हनीट्रैप' और 'फिशिंग' जैसे खतरों के बीच बीएसएफ (BSF) भी इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है. फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां उस पाकिस्तानी नंबर की तकनीकी जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन कॉल्स के पीछे का असली मकसद क्या है.
'गलती से भी +92 वाले फोन कॉल न उठाएं'
खाजूवाला पुलिस और इंटेलिजेंस विभाग ने अब सीमावर्ती गांवों में एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने लोगों से पुरजोर अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय नंबरों, विशेषकर +92 कोड वाले कॉल को रिसीव न करें. यदि कोई अनजान व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर सेना या सीमा से जुड़ी जानकारी मांगे, तो तुरंत उसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा एजेंसियों को दें. डिजिटल युग में सीमा पार से होने वाली यह 'कॉल स्ट्राइक' एक नई चुनौती बनकर उभरी है, जिसका सामना सतर्कता और जागरूकता से ही संभव है.
ये भी पढ़ें:- क्या गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर राजस्थान सरकार सब्सिडी बढ़ाकर जनता को राहत देगी? मंत्री ने दिया जवाब