Bhairav Batallion: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर हर वर्ष की तरह इस बार भी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड और झांकी निकाली गई जिसे पहले राजपथ कहा जाता था. इस बार सेना की परेड में सबसे बड़ा आकर्षण सेना की नवगठित टुकड़ी भैरव बटालियन रही. इसके जवानों ने पहली बार दिल्ली में 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लिया. इसी महीने इस बटालियन के जवानों ने जयपुर में सेना दिवस (15 जनवरी) पर हुई परेड में हिस्सा लिया था. इस परेड की सलामी भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली थी. आज, 26 जनवरी को भैरव बटालियन ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी दी. आइए जानते हैं भैरव बटालियन क्यों खास है और इसकी चर्चा क्यों होती है.
कर्तव्य पथ पर परेड करती भैरव बटालियन का Video देखें:
2025 में गठित नई टुकड़ी
भैरव बटालियन अत्याधुनिक तकनीक से लैस भारतीय सेना की एक नई टुकड़ी है. पिछले वर्ष, 2025 में भारतीय सेना ने अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए तीन नई टुकड़ियों का गठन किया था. ये तीन टुकड़ियां थीं - रुद्र ब्रिगेड, दिव्यास्त्र बैटरी और भैरव बटालियन. इनमें से भैरव बटालियन को खास तौर पर ऐसे स्थानों पर तैनात किया जा रहा है जो संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं. इनमें राजस्थान, जम्मू, लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत के राज्य शामिल हैं.
भैरव बटालियन को ऐसे अति महत्वपूर्ण अभियानों के लिए तैयार किया गया है जिनमें विभिन्न तरह के हालातों में ऐक्शन की ज़रूरत होती है. ये बटालियन अचानक हुए हमलों या परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित होती है. भैरव बटालियन ऐसे अभियानों में हिस्सा ले सकती है जिनमें पूर्व नियोजित सैन्य कार्रवाई की नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता होती है.
भारतीय सेना की ओर से जारी भैरव बटालियन का वीडियो देखें - :
भैरव बटालियन की हर बटालियन में लगभग 250 सैनिक होते हैं. ये सैनिक सेना की इन्फ्रैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और अन्य सहयोगी टुकड़ियों के सैन्यकर्मी होते हैं. अभी भैरव सेना की लगभग 15 बटालियन तैयार हो चुकी हैं. भारतीय सेना की ऐसी 25 बटालियन बनाने की योजना है. ये बटालियन भारतीय सेना के ढांचे का एक स्थायी हिस्सा बनती जा रही है.
भैरव बटालियन का प्रतीक और आदर्श वाक्य
भैरव बटालियन के प्रतीक चिह्न में एक कोबरा की तस्वीर बनी है. साथ ही लिखा है - भैरव, अदृश्य, अदम्य. भैरव बटालियन के प्रतीक चिह्न में एक कोबरा की तस्वीर बनी है. साथ ही लिखा है - भैरव, अदृश्य, अदम्य. भैरव बटालियन के टीम कमांडर ने NDTV को बताया कि इसमें कोबरा इसलिए दिखाया गया ताकि अगर वह दुश्मन को काट ले तो उसकी मौत निश्चित है और इसी प्रकार भैरव दुश्मन का काल है.
भैरव बटालियन का नाम भगवान शिव के रौद्र रूप पर रखा गया है. इस बटालियन का आदर्श वाक्य (Motto) है - "अभयम् भैरव". इसका अर्थ है निर्भीक रक्षक. इसके साथ ही इसके जवान "राजा रामचंद्र की जय", "बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" जैसे पारंपरिक नारे भी लगाते हैं. भारतीय सेना के अनुसार भैरव बटालियन को “Fight Tonight” के लिए बनाया गया है, यानी लड़ने के लिए बहुत कम समय में तैयार रहना है.
ये भी पढ़ें-: भैरव बटालियन क्या है? सेना की नई टुकड़ी के बारे में जानिए 10 बातें
LIVE TV देखें