Republic day 2026: जयपुर में 'संविधान' पर छिड़ी जंग! डोटासरा बोले- पूर्वजों ने कुर्बानी दी है, हम भी आखिरी बूंद तक लड़ेंगे

पीसीसी चीफ ने एसआईआर पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस अभियान के जरिए में वोट के अधिकार को खत्म किया जा रहा है.

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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा

Govind dotasra: कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया. पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पीसीसी कार्यालय में झंडा फहराया. कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान, अमीन कागजी समेत कई नेता मौजूद रहे. वैभव गहलोत और महेंद्रजीत सिंह मालवीया भी पीसीसी के दफ्तर पहुंचे. डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हमारे लिए गौरव का दिन है. संविधान बाबा साहब ने बनाकर दिया, लेकिन मोदीजी के सत्ता में आने से ही संविधान लगातार बदलने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में हम संकल्प लेते हैं कि इस संविधान को ना बदलने देंगे. वोट के अधिकार को खत्म किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एसआईआर के अभियान में वोट के अधिकार को खत्म किया जा रहा है और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर केंद्र सरकार ने कब्जा कर लिया है.

लोगों में डर का माहौल- डोटासरा 

डोटासरा ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा, "लोगों में डर भय का माहौल है. अधिकारों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. वोट का अधिकार समाप्त किया जा रहा है. ऐसे में हम सब लोगों ने संकल्प लिया है. आखिरी बूंद जब तक हमारे खून की होगी, संविधान बचाने के लिए लड़ेंगे. हमारे पूर्वजों ने कुर्बानी दी है, तब आजादी मिली और संविधान मिला. भाजपा के लोग संविधान की दुहाई देते हैं और उसी संविधान की लगातार धज्जियां उड़ाते है. ऐसे में यह और जरूरी है कि हम इसे बचाए, हम आज संकल्प लेते हैं."

जूली बोले- संविधान पर लगातार हमले हो रहे

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि दुनिया के इस महान गणतंत्र में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया. इस गणतंत्र की वजह से देश ने तरक्की की. बाबा साहब ने तब संविधान बनाया, जब देश में सुई भी नहीं बनती थी. वहां से देश आज यहां पहुंचा, लेकिन लगातार संविधान पर हमले हो रहे हैं. जूली ने कहा कि अमेरिका टैरिफ थोप रहा है और ऑपरेशन सिंदूर में भी किसी ने हमारा साथ नहीं दिया. गरीब तबके पर डाका डालने का प्रयास इस सरकार द्वारा किया जा रहा है. सोशल सिक्योरिटी की योजनाओं को बंद किया जा रहा है. 

शंकराचार्य के मुद्दे पर भी कसा तंज

उन्होंने शंकराचार्य के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि जिस धर्म के नाम पर ये सत्ता में आए, आज ये उस शंकराचार्य को भी नहीं छोड़ रहे हैं. सनातन की बात करने वाले सनातन के पदों को नहीं मान रहे हैं. जिन लोगों को पूजा करनी थी, वो राजनीति कर रहे हैं. 

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