अभावग्रस्त गांव की संशोधित अधिसूचना जारी, 6 जिलों की 19 तहसीलों को सूची से किया गया बाहर

राजस्थान सरकार द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के 06 जिलों की 19 तहसीलों में प्रभावित कृषक नहीं होने के कारण उन्हें अभावग्रस्त तहसीलों की श्रेणी से बाहर किया गया है.

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Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने पहले एक अधिसूचना में फसल खराबा से प्रभावित होने वाले कृषकों को कृषि आदान-अनुदान वितरित करने की अनुमति दी गई थी. अधिसूचना में प्रभावित जिलों के तहसीलों के नाम जारी किये गए थे. वहीं अब राजस्थान सरकार द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के 06 जिलों की 19 तहसीलों में प्रभावित कृषक नहीं होने के कारण उन्हें अभावग्रस्त तहसीलों की श्रेणी से बाहर किया गया है. संशोधित अधिसूचना में भरतपुर जिले की भुसावर, बूंदी जिले की तालेड़ा एवं बूंदी, बांसवाड़ा जिले की अम्बापुरा, बांसवाड़ा, छोटी सरवन, गांगड़तलाई एवं सज्जनगढ़ तहसीलों को अभावग्रस्त श्रेणी से हटाया गया है. 

इसी के साथ राजसमंद जिले की आमेट, खमनोर, देलवाड़ा, राजसमंद, कुंवारिया एवं सरदारगढ़, सलूम्बर जिले की लसाड़िया, सलूम्बर, झल्लारा एवं सराड़ा तथा हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील को अभावग्रस्त श्रेणी से हटाया गया है.

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भरतपुर में 349 गांव में 326 गांव अभावग्रस्त

पूर्व में जारी अधिसूचनाओं के तहत उपरोक्त जिलों में बाढ़ से 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबा से प्रभावित होने वाले कृषकों को कृषि आदान-अनुदान वितरण की अनुमति दी गयी थी. संशोधित अधिसूचना में इन जिलों के अभावग्रस्त गांवों की संख्या में भी आवश्यक संशोधन किया गया है. भरतपुर जिले में पूर्व घोषित 349 गांवों के स्थान पर अब 326 गांव अभावग्रस्त श्रेणी में रखे गए हैं. 

बूंदी जिले में संशोधन के पश्चात गांवों की संख्या 534 से बढ़कर 540 हो गई है. इसी प्रकार डीग जिले में पूर्व घोषित 58 गांवों की जगह 64 गांव और बारां जिले में 1233 गांवों के स्थान पर अब 1228 गांव अभावग्रस्त घोषित किए गए हैं.

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