RGHS में भ्रष्टाचार करने वालों की खैर नहीं! भीलवाड़ा में सामने आई गड़बड़ी, 5 आरोपियों के खिलाफ केस

राजस्थान वित्त विभाग ने भी आरजीएचएस में कथित तौर पर भ्रष्टाचार होने के संकेत दिए थे. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

RGHS Scam: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में धांधली और फर्जी बिल बनाने वाले मेडिकल स्टोर पर शिकंजा कसा जा रहा है. आज (5 जनवरी) को भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की. हनुमाननगर थाना में आरजीएचएस योजना में वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. देवली सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजकुमार गुप्ता की शिकायत पर 5 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. दरअसल, हेल्थ स्कीम में फर्जीवाड़े की शिकायत पर लगातार एक्शन लिया जा रहा है. राजस्थान वित्त विभाग ने भी आरजीएचएस में कथित तौर पर भ्रष्टाचार होने के संकेत दिए थे. इसी के तहत भीलवाड़ा स्वास्थ्य विभाग ने भी एक्शन लिया है.

फार्मा स्टोर पर फर्जी सील और कार्ड भी बरामद

जानकारी के मुताबिक, विभागीय जांच के दौरान फार्मा स्टोर पर एक डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी के नाम की फर्जी रबर सील बरामद हुई हैं. निरीक्षण में यह भी सामने आया कि फार्मा स्टोर पर कई लाभार्थियों के मूल आरजीएचएस कार्ड अवैध रूप से रखे हुए थे. इसके अलावा वहां एक ऐसा रजिस्टर भी मिला, जिसमें कार्ड धारकों के साथ दवाइयों के लेन-देन का ब्यौरा मिला. मामला सामने आने के बाद प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार गुप्ता ने संज्ञान लिया.

21 पेज की रिपोर्ट के आधार पर जांच

हनुमान नगर पुलिस ने पीएमओ डॉ. राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट पर टोंक के सहकारी उपभोक्ता प्रबंधक को आरोपी बनाया गया है. साथ ही फार्मासिस्ट आयुष नागर, भरत नागर, विनोद शर्मा और साहिल अंसारी के खिलाफ भी कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने 21 पेज की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है. मामले की जांच खुद थानाधिकारी गणेश लाल द्वारा किया जा रहा है.

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