RPSC सदस्य रहे बाबूलाल कटारा को SC से मिली अंतरिम जमानत, फिर भी जेल से बाहर क्यों नहीं आ पाएंगे

बाबूलाल कटारा ने सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती 2022 का पेपर अपने सरकारी आवास पर लीक किया. उसके भांजे विजय डामोर के जरिए उसे रजिस्टर में लिखा गया और पेपर पहले 60 लाख में अनिल मीणा को बेचा. 

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बाबूलाल कटारा (फाइल फोटो)

Rajasthan News: आरपीएससी (RPSC) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा (Babulal Katara) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती (2nd Grade Teacher Bharti 2022) से जुड़े केस में बाबूलाल कटारा को अंतरिम जमानत दे दी. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस चंद्र शर्मा की बेंच ने कटारा को राहते हुए राजस्थान सरकार की जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट और अन्य डिटेल 2 हफ्ते में दाखिल करने के निर्देश दिए हैं.  

HC से झटके के बाद गए थे SC

इससे पहले अगस्त 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट ने बाबूलाल कटारा की जमानत याचिका खारिज की थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की. अब सुप्रीम कोर्ट ने बाबूलाल कटारा की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी, जो अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी. बशर्ते ट्रायल कोर्ट की शर्तें पूरी हों. 

वरिष्ठ वकील विवेक जैन ने तर्क दिया कि कटारा की गिरफ्तारी पर कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई और जांच केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिकी है. कोर्ट ने राज्य को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया, जिसमें चार्जशीट का विवरण, गवाहों की संख्या, आरोप तय होने की स्थिति, मुकदमे की प्रगति, कटारा का आपराधिक रिकॉर्ड और सह-आरोपियों की जमानत का जिक्र अनिवार्य किया. 

जमानत के बाद भी नहीं आ पाएंगे बाहर

हालांकि, एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक और ED के केस में जमानत न मिलने से कटारा अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे. याचिकाकर्ता एक सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल कर सकता है. अगली सुनवाई 23 मार्च, 2026 को होगी. जांच के दौरान आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा के घर से एसओजी को 51 लाख रुपये से अधिक की नकदी और करीब आधा किलो सोना बरामद हुआ था. हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि बाबूलाल कटारा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती 2022 का पेपर लीक किया था. 

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सरकारी आवास पर लीक किया था पेपर

जांच में पता चला कि बाबूलाल कटारा ने सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती 2022 का पेपर अपने सरकारी आवास पर लीक किया. उसके भांजे विजय डामोर के जरिए उसे रजिस्टर में लिखा गया और पेपर पहले 60 लाख में अनिल मीणा को बेचा. फिर उसी पेपर की 80 लाख रुपये में भूपेन्द्र सारण के साथ डील हुई थी. 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर के बेकरिया थाने की पुलिस ने एक संदिग्ध बस पकड़ी, जिसमें 49 अभ्यर्थी प्रश्न पत्र के उत्तर याद कर रहे थे. पूछताछ में सामने आया कि पेपर परीक्षा से पहले ही बाहर आ चुका था. 

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