मौत के बाद अकाउंट होल्डर के चेक से निकाले गए 57 हजार रुपये, कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच

पिता की मृत्यु के बाद उनके ही चेक से बैंक अकाउंट से पैसे निकाले गए. जबकि चेक उस समय के थे जब परिवादी के पिता की मौत हो चुकी थी.

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प्रतीकात्मक फोटो AI

Rajasthan News: किशनगढ़ के मदनगंज थाना क्षेत्र में एक गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें मृत व्यक्ति के हस्ताक्षरित चेक का दुरुपयोग कर संयुक्त बैंक खाते से राशि निकालने का आरोप लगा है. न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.परिवादी राकेश कुमार छाजेड ने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में बताया कि उनका और उनके दिवंगत पिता ताराचंद छाजेड का बैंक ऑफ बड़ौदा, मदनगंज शाखा में संयुक्त खाता था. खाते का संचालन दोनों द्वारा किया जाता था और इसमें नियमित लेनदेन होता रहता था.

पिता के निधन के बाद सामने आया मामला

परिवादी के अनुसार उनके पिता का 14 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया था. पारिवारिक व धार्मिक कार्यों में व्यस्तता के कारण वे तत्काल बैंक को इसकी सूचना नहीं दे सके. जब 5 दिसंबर 2025 को वे बैंक पहुंचे, तब उन्हें जानकारी मिली कि खाते से 23 अक्टूबर 2025 को 57 हजार रुपये निकाले जा चुके हैं.

मृत व्यक्ति के चेक का कथित दुरुपयोग

जांच में सामने आया कि यह राशि एक ऐसे चेक के जरिए निकाली गई, जिस पर परिवादी के पिता के हस्ताक्षर थे. आरोप है कि अभियुक्त अंकुश छाजेड ने उक्त चेक को चोरी कर उसमें हेरफेर की, स्वयं के हस्ताक्षर कर “सेल्फ” के नाम से राशि निकाल ली, जबकि उस समय खाताधारक का निधन हो चुका था.

पुलिस ने पहले माना आपसी लेनदेन

परिवादी ने इस संबंध में पहले मदनगंज थाना पुलिस और बाद में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और मामला आपसी लेनदेन का बताया गया. इसके बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण ली.

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कोर्ट ने माना संज्ञेय अपराध

न्यायालय ने पत्रावली के अवलोकन के बाद माना कि मृत व्यक्ति के हस्ताक्षरित चेक का उपयोग कर राशि निकाली जाना गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है, जिसकी पुलिस जांच आवश्यक है. इसके बाद मदनगंज थाना पुलिस को मामला दर्ज कर अनुसंधान के निर्देश दिए गए.

पुलिस जांच शुरू

कोर्ट के आदेश की पालना में मदनगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एक हेड कांस्टेबल को सौंपी है. पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, चेक और अन्य दस्तावेजों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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