पढ़ाई में होनहार था रूगाराम, प्यार और जेल ने बनाया मादक पदार्थ तस्करी का खतरनाक सरगना

एएनटीएफ आईजी विकास कुमार के अनुसार, टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए उसके पिता सताराम पर नजर रखी. जैसे ही परिवार के सदस्य गुजरात के वापी पहुंचे, एएनटीएफ के जवान भी वहां पहुंच गए.

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प्रेमिका के धोखे और जेल की हवा खाने के बाद मादक पदार्थों की तस्करी का स्वयंभू सरताज बना कुख्यात अपराधी आखिरकार हल्दी की सब्जी खाने के लालच में पुलिस के हत्थे चढ़ गया. राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने लंबे समय से फरार 25 हजार रुपये के इनामी नशा तस्कर रूगाराम पुत्र सताराम, निवासी गिड़ा को गुजरात के वापी इलाके से गिरफ्तार किया. आरोपी पिछले सात वर्षों से राजस्थान से फरार था और ट्रक के जरिए देशभर में अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था.

आरोपी को पकड़ने के लिए उसके पिता सताराम पर नजर रखी

एएनटीएफ आईजी विकास कुमार के अनुसार, टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए उसके पिता सताराम पर नजर रखी. जैसे ही परिवार के सदस्य गुजरात के वापी पहुंचे, एएनटीएफ के जवान भी वहां पहुंच गए. उन्होंने खुद को रूगाराम के पिता का रिश्तेदार बताकर ट्रक चालकों से बातचीत की और कहा कि पिता ने हल्दी की सब्जी भेजी है, जो समय पर नहीं खिलाई गई तो खराब हो जाएगी. इसी बहाने ड्राइवरों से आरोपी के ट्रक का नंबर, रूट और गंतव्य की पूरी जानकारी हासिल कर ली गई.

ट्रक का कई सौ किलोमीटर तक पीछा किया

इसके बाद एएनटीएफ टीम ने वापी से जलगांव की ओर जा रहे ट्रक का कई सौ किलोमीटर तक पीछा किया. रास्ते में जब ट्रक रुका और आरोपी अंदर सो रहा था, तभी उसे बीच सड़क पर दबोच लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में रूगाराम की पूरी आपराधिक कहानी सामने आई, जिसने सभी को चौंका दिया.

जांच में पता चला कि रूगाराम मूल रूप से पढ़ाई में होनहार छात्र था और 12वीं तक अच्छे अंकों से पास हुआ था. स्कूल में उसकी दोस्ती एक सहपाठी लड़की से हुई, जो आगे चलकर प्रेम संबंध में बदल गई. आईटीआई जोधपुर में पढ़ाई के दौरान भी वह इस रिश्ते में रहा और लड़की के खर्च उठाता रहा. जब वह खर्च पूरे नहीं कर पाया तो लड़की ने उसके खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवा दिया, जिसके चलते उसे जेल जाना पड़ा.

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जेल से छूटते ही रूगाराम तस्करी के धंधे में उतर गया

जेल में उसकी मुलाकात एक बदमाश से हुई, जिसने बाहर निकलने के बाद मोटी कमाई का लालच दिया. जेल से छूटते ही रूगाराम तस्करी के धंधे में उतर गया और मेवाड़ से मारवाड़ तक कई खेपें पहुंचाईं. एक बार चित्तौड़गढ़ से डोडा-पोस्त ले जाते समय उसकी गाड़ी पलट गई, जिसमें कुरकुरे के नीचे माल छिपा था.

वह मौके से फरार हो गया, लेकिन डैशबोर्ड में पिता का एटीएम कार्ड मिलने से पुलिस तक सुराग पहुंच गया. इसके बाद वह गुजरात भाग गया और वहीं से नेटवर्क मजबूत कर कई राज्यों में नशे की सप्लाई करता रहा. सात साल की फरारी के बाद अब एएनटीएफ की कार्रवाई से अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है.

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