राजस्थान के खैरथल में सोमवार को सामाजिक असंतोष उस वक्त सड़कों पर उतर आया. जब तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ के कथित बयान के विरोध में सैन समाज के सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. गुस्साए लोग एकजुट होकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा. पूरे घटनाक्रम ने इलाके की सियासत के साथ-साथ सामाजिक संतुलन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल ही में विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान विधायक ने एक जेईएन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हुए “JEN है या नाई है?” जैसी टिप्पणी की.
'सैन समाज की गरिमा पर हमला'
इस बयान को सैन समाज ने सीधे तौर पर अपनी जातिगत गरिमा पर हमला बताया है. लोगों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि उनके शब्द समाज में संदेश देते हैं. सैन समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बयान है.
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए विधायक के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक रूप से माफी दिलवाई जाए. प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा.
मुद्दे ने बढ़ाई सिसासी हलचल
उन्होंने साफ कहा कि आने वाले दिनों में पुतला दहन, धरना-प्रदर्शन और बड़े स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. फिलहाल जिला प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन और विधायक की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है. वहीं, इस मुद्दे ने क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है.
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