राजस्थान में सलूंबर जिले के एक गांव में 5 बच्चों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, बच्चों को शुरू में उल्टी और दस्त हुई. फिर शरीर में अकड़न होने के बाद बच्चों की मौत हो गई. बच्चों की रहस्यमय मौत के बाद भजनलाल सरकार एक्शन में आई और गांव में अफसर और मेडिकल टीम तैनात की गई है. उदयपुर संभाग में करीब 3690 टीमों ने 52 हजार से अधिक घरों का सर्वे किया, जिसमें 275 लक्षण वाले मरीज चिन्हित किए गए हैं. इस दौरान NDTV की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची और मृतक बच्चों के माता-पिता से बात की.
उदयपुर से 110 किमी दूर की घटना
पांच बच्चों के मौत की घटना उदयपुर मुख्यालय से तकरीबन 110 किलोमीटर दूर सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक के घाटा पंचायत की है. मृतकों में 4 साल का दीपक और उसका 6 वर्षीय भाई लक्ष्मण, 4 साल की सीमा, 4 साल का राहुल मीणा और 2 साल काजल मीणा शामिल है. NDTV से बातचीत में मृत 5 बच्चों में से 4 बच्चों के माता-पिता ने जानकारी दी कि बच्चों की मौत कैसे हुई. मृतकों के परिवार ने सभी बच्चों में एक ही लक्षण के बाद मौत होना बताया. परिजनों के अनुसार, शाम और रात के समय एक या दो बार उल्टी दस्त हुई. इसके बाद शरीर अकड़ गया और बेहोश हो गए. इसके बाद होश आया ही नहीं और मौत हो गई.
पांच में से दो बच्चों की उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हुई. बड़ी बात यह है कि पांचों घरों के बीच में औसत 5 किलोमीटर की दूरी है. यहीं नहीं कुछ घर ऐसे भी हैं, जहां वाहन जाते ही नहीं. पांचों बच्चे एक दूसरे से कभी मिले ही नहीं. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर बच्चों की एक ही लक्षण से कैसे मौत हुई. मृतकों के परिजनों ने बताया कि पहले से इन बच्चों को कोई बीमारी नहीं थी न ही किसी की इन दिनों तबीयत खराब हुई.
उदयपुर संभाग में 52 हजार से अधिक घरों का सर्वे
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि उदयपुर संभाग में करीब 3690 टीमों ने 52 हजार से अधिक घरों का सर्वे किया है. इस दौरान 275 लक्षण वाले मरीज चिन्हित किए गए. इनमें से 25 मरीजों को बड़े अस्पताल में रेफर किया गया. निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि सलूम्बर के झालरा ब्लॉक के सेमारी गांव में 01 चार वर्षीय बच्चे की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है. आउट ब्रेक नियंत्रण गतिविधियों के तहत मंगलवार को उदयपुर संभाग में 651 मरीजों का मौके पर ही उपचार किया गया.
बच्चों की रहस्यमय मौत के बाद मेडिकल की टीम तैनात
उन्होंने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए 2,557 स्थानों पर एंटी-लार्वल गतिविधियां की गईं. क्षेत्र में 1,796 ब्लड स्लाइड्स ली गईं और 94 सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं. वहीं मंगलवार को घाटा उच्च माध्यमिक विद्यालय पर कैंप किया और यहीं से मेडिकल टीमें घर घर स्क्रीनिंग के लिए निकली.
घाटा पंचायत में 17 मेडिकल टीमें तैनात
सीएमएचओ महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि कुल 17 टीमें तैनात की गई है. घाटा पंचायत में तीन राजस्व गांव है, जहां तकरीबन 700 घरों की स्क्रीनिंग को जा रही है. हर एक टीम के साथ में डॉक्टर भी हैं. कुछ जगह सामान्य जुखाम से मरीज मिले. दो से तीन बच्चों को हॉस्पिटल में बुखार होने पर भर्ती कराया गया. जिन पांच बच्चों की मौत हुई, उनके जैसे किसी भी बच्चे को लक्षण अब तक सामने नहीं आए हैं. वहीं, उदयपुर संभाग एडिशनल कमिश्नर छोगाराम देवासी ने बताया कि क्षेत्र का पटवारी लेवल से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक के अधिकारी सतर्क हैं. डोर टू डोर जा रहे हैं और जांच रहे हैं. अब तक कोई सीरियस बच्चा सामने नहीं आया है और स्थिति कंट्रोल में हैं.
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