Kejiri Movement: बीकानेर में राज्य वृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए चल रहा जन-आंदोलन अब एक विशाल रूप ले चुका है. इस महापड़ाव को अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर भारी समर्थन मिल रहा है. खेजड़ी बचाने (Khejri) के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर पर्यावरण प्रेमियों के आह्वान पर सोमवार से बीकानेर में 'खेजड़ी बचाओ महापड़ाव' शुरू हुआ है. आज इसका तीसरा दिन है. वहीं दूसरे दिन से ही इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने लगा है.
RLP ने आंदोलनकारियों को दिया समर्थन
बीकानेर के कलेक्ट्रेट और बिश्नोई धर्मशाला के बाहर चल रहे "खेजड़ी बचाओ महापड़ाव" में मंगलवार को गुरु जम्भेश्वर की विधिवत पूजा के बाद 500 से ज्यादा लोगों ने अनशन शुरू किया. उनका साथ देने के लिए नेतागण भी राज्य की धरोहर के लिए आर पार की लड़ाई में अपना योगदान देने के लिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने अपना खुला समर्थन दे दिया है.
जीत के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे
खेजड़ी बचाओ महापड़ाव को RLP का समर्थन मिल गया है. महापड़ाव में हिस्सा लेने के लिए RLP के युवा नेता थानसिंह डोली आज यानी बुधवार को 12:30 बजे तक बीकानेर पहुंच जाएंगे. खेजड़ी के बारे में थानसिंह डोली ने कहा कि वह RLP सुप्रीमो और नागौर MP हनुमान बेनीवाल के निर्देशानुसार पार्टी की तरफ से 'खेजड़ी बचाओ' आंदोलन में मौजूद रहेंगे और जब तक पर्यावरणवादियों को जीत नहीं दिला देता, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे.
एक दिन का रखें उपवास
आंदोलन को आध्यात्मिक मजबूती देते हुए संत सच्चिदानंद महाराज ने सभी पर्यावरण प्रेमियों से एक दिन के उपवास का आह्वान किया है. उन्होंने अपील की है कि जो लोग बीकानेर नहीं पहुंच सकते, वे अपने-अपने घरों में रहकर खेजड़ी की रक्षा के संकल्प के साथ उपवास रखें. महाराज ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुहिम को वैश्विक स्तर पर ले जाने और सरकार पर दबाव बनाने की बात कही.
शहर में बंद का असर
आंदोलन के समर्थन में बीकानेर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने भी अपने प्रतिष्ठान दोपहर तक बंद रखें. निजी स्कूलों में भी आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला मुख्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
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