Sawariya seth Mandir: सावंलियाजी के दरबार में लगा नोटों का ढेर, पहले चरण में 10 करोड़ रुपए के पार हुआ आंकड़ा

प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले 500-500 के बड़े नोटों की छंटनी की जा रही है, लेकिन यह तो बस शुरुआत है. नोटों के इस ढ़ेर के बीच से सोना-चांदी, आभूषण और विदेशी मुद्राएं भी हैं, जिन्हें अलग से सुरक्षित रखा जा रहा है.

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मेवाड़ के विख्यात और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र, श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार एक बार फिर खोल दिया गया है. सांवलिया सेठ, जिन्हें भक्त अपने बिजनेस में पार्टनर बनाते है. उनके खजाने की गिनती शुरू होते ही जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने सबको हैरान कर दिया है. पहले चरण की गिनती में ही नोटों का ऐसा पहाड़ लगा कि गिनते-गिनते हाथ थक गए. पहले चरण की गणना 10 करोड़ 25 लाख रुपये की गिनती हुई है. प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले 500-500 के बड़े नोटों की छंटनी की जा रही है, लेकिन यह तो बस शुरुआत है. नोटों के इस ढ़ेर के बीच से सोना-चांदी, आभूषण और विदेशी मुद्राएं भी हैं, जिन्हें अलग से सुरक्षित रखा जा रहा है.

150 से ज्यादा कार्मिक जुटे

मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में चतुर्दशी पर परंपरा के अनुसार, मंदिर मंडल के प्रशासनिक सीईओ, अध्यक्ष और सदस्यों की मौजूदगी में सबसे पहले ठाकुरजी की विशेष आरती की गई. इसके बाद सांवलियाजी को राजभोग लगाया गया. कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर का भंडार खोला गया. दानराशि की पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दानराशि गणना स्थल पर नोट गिनने के लिए 150 से अधिक कार्मिक लगाएं गए हैं. सुरक्षा इतनी पुख्ता है कि मैन्युअल कैमरों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है.

महीनेभर में 28 महीने करोड़ रुपए का चढ़ावा

सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की दीवानगी का आलम यह है कि यहां मासिक चढ़ावा अब 28 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. सोमवार (19 जनवरी) को दूसरे चरण की गिनती शुरू होगी. दानराशि की पूरी गणना 4 से 5 चरणों में जाकर संपन्न होती हैं.

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