SDM Kajal Meena: राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की तेज-तर्रार अधिकारी मानी जाने वाली नादौती SDM काजल मीणा अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई हैं. IIT से पढ़ाई और दिल्ली में प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा में आईं SDM काजल मीणा को ACB ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया है. एसीबी अब इस मामले में गहन जांच कर रही है. इन सब के बीच प्रशासनिक सेवा पर सवाल उठ रहे हैं. जबकि सवाल यह भी है कि RAS टॉपर काजल मीणा भ्रष्टाचार के खेल में कैसे आ गई.
काजल मीणा का करियर
SDM काजल मीणा का करियर काफी अच्छा रहा है. काजल मीणा का शैक्षणिक और पेशेवर रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. काजल मीणा ने IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है. वहीं इसके बाद काजल मीणा ने केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में भी सेवाएं दीं, जिसमें दिल्ली में दूरसंचार विभाग में ASO और EPFO में अधिकारी के रूप में काम किया. हालांकि इसके बाद भी वह खुद को आगे बढ़ाने में रुकी नहीं और काजल मीणा ने प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना. जिसमें काजल मीणा ने अपनी छाप छोड़ी. काजल मीणा साल 2024 बैच की RAS टॉपर रही हैं.
पहली पोस्टिंग में ज्वाइन नहीं किया दूसरी पोस्टिंग में विवाद
RAS अधिकारी बनने के बाद काजल मीणा ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की, जिसके बाद उन्हें पहली पोस्टिंग प्रतापगढ़ दी गई थी. लेकिन काजल मीणा ने प्रतापगढ़ में ज्वाइन नहीं किया. इसके बाद साल 2024 अक्तूबर में उन्हें करौली जिले के नादौती में SDM पद पर पोस्टिंग मिली. यहां ज्वाइन करने के बाद ही मीणा काफी चर्चाओं में आ गई. अपनी स्थानीय स्तर पर मजबूत रिश्तेदारी और प्रभाव के कारण वे पहले से ही चर्चा में थीं. हालांकि अब उनका नाम गंभीर आरोपों के साथ सामने आया है.
काजल मीणा पर क्या है मामला
काजल मीणा पर रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया है. एसीबी की टीम ने परिवादी कि शिकायत पर सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की. एसडीएम मीणा ने जमीन बंटवारे के मामले में फाइनल डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी. इस मामले में एसडीएम के रीडर और बाबू दोनों की संलिप्तता थी. जांच में सामने आया है कि काजल मीणा के निर्देश पर रीडर दिनेश ने एसडीएम के लिए 50000 रुपये और खुद के लिए 10000 रुपये रिश्वत ली. हालांकि बताया जा रहा है कि शुरुआत में 1 लाख रुपये की मांग की गई थी. लेकिन बाद में 60 हजार रुपये में रिश्वत की डील की गई.
स्थानीय लोगों का भी आरोप
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने भी नादौती एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नादौती क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध खनन 2 से 3 जगह लंबे समय से जारी है. इसमें बड़े अधिकारी शामिल है जिसमें मीणा का नाम भी लिया जा रहा है.
बहरहाल, IIT से पढ़ाई और केंद्र सरकार की नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा में आईं अधिकारी का इस तरह रिश्वत मामले में पकड़ा जाना न केवल उनकी छवि बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है.