राजस्थान 10वीं बोर्ड रिजल्ट में शेखावाटी का दबदबा... नागौर ने चौंकाया, कोटा टॉप 5 में भी नहीं

RBSE बोर्ड ने इस बार भी टॉपर लिस्ट जारी नहीं किया है. लेकिन जिलावार रिजल्ट देखा जाए तो इस बार 10वीं बोर्ड में शेखावाटी का दबदबा देखने को मिला है. जबकि कोटा टॉप 5 में भी शामिल नहीं हो पाया है.

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राजस्थान बोर्ड रिजल्ट

RBSE 10th Board Result: राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे आते ही चारों ओर खूब हलचल है. दोपहर परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही छात्रों के बीच उत्साह दिखा. हालांकि फेल होने वाले छात्रों में मायूसी दिखी, लेकिन इस बार कुल पास 94.23% छात्र पास हुए तो रिजल्ट अच्छा माना जा रहा है. हर बार की तरह इस बार भी बोर्ड ने टॉपर लिस्ट जारी नहीं किया है. लेकिन जिलावार रिजल्ट देखा जाए तो इस बार 10वीं बोर्ड में शेखावाटी का दबदबा देखने को मिला है. जबकि कोटा टॉप 5 में भी शामिल नहीं हो पाया है.

10वीं बोर्ड रिजल्ट में शेखावाटी की बादशाहत 

जिलावार नतीजों में शेखावाटी बेल्ट ने फिर अपनी बादशाहत कायम रखी. नतीजों में झुंझुनूं 97.77% के साथ प्रदेश में टॉप पर रहा. सीकर 97.43% के साथ दूसरे और नागौर 97.09% के साथ तीसरे स्थान पर रहा. खास बात यह रही कि नागौर ने जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया. राजधानी जयपुर का रिजल्ट 94.66% रहा, जहां 50 हजार से ज्यादा छात्र फर्स्ट डिवीजन में पास हुए. जोधपुर 96.48% के साथ मजबूत रहा, जबकि कोटा 89.25% के साथ औसत से पीछे रहा. कोटा का कुल परिणाम राज्य औसत से करीब 5% कम रहा, जो एक चिंता का विषय है.

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फर्स्ट डिवीजन की आई बाढ़

इस बार बड़ी संख्या में छात्र फर्स्ट डिवीजन में पास हुए हैं. जयपुर में हर दूसरा छात्र फर्स्ट डिवीजन में रहा जबकि सीकर में फर्स्ट डिवीजन पाने वालों की संख्या थर्ड डिवीजन से करीब 20 गुना ज्यादा रही. नतीजों का कुल पास प्रतिशत 94.23% रहा और एक बार फिर बेटियों ने बाजी मार ली. छात्राओं का पास प्रतिशत 94.90% जबकि छात्रों का 93.63% रहा. करीब 4.97 लाख छात्राओं में से 1.99 लाख से ज्यादा ने फर्स्ट डिवीजन हासिल किया. यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और शिक्षा में लैंगिक अंतर तेजी से घट रहा है.

स्किल एजुकेशन की ओर झुकाव

व्यावसायिक विषयों में छात्रों का रुझान तेजी से बढ़ा है। प्लंबर, रिटेल और इलेक्ट्रिकल जैसे विषयों में 98% से ज्यादा सफलता दर रही। यह बताता है कि छात्र अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ स्किल आधारित शिक्षा को भी महत्व दे रहे हैं.

इस बार सरकारी स्कूलों के छात्रों ने निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है. खैराबाद ब्लॉक जैसे क्षेत्रों से टॉपर्स सामने आना इस बदलाव का बड़ा संकेत है. अल्का कुमारी 97.83% के साथ प्रथम, तनीषा 96.17% के साथ द्वितीय और कोमल धाकड़ 96.00% के साथ तृतीय स्थान पर रहीं. प्राइवेट फॉर्म से परीक्षा देने वाले छात्रों का परिणाम नियमित छात्रों से कमजोर रहा.

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