सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में अघोरी बाबा शैलेंद्र नाथ को मानद उपाधि देने के फैसले पर बवाल खड़ा हो गया है. छात्र संगठन एसएफआई ने विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर कुलपति का पुतला भी फूंका. जानकारी के अनुसार, मुकुंदगढ़ के अघोरी बाबा शैलेंद्र नाथ को दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि देने का फैसला लिया गया था. इसके विरोध में आज एसएफआई के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की.
सवाल- अंधविश्वास को वैधता देगी यूनिवर्सिटी?
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि यह फैसला सिर्फ एक व्यक्ति को सम्मानित करने का नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि विश्वविद्यालय ज्ञान की परंपरा को बढ़ावा देगा या अंधविश्वास और नशे की संस्कृति को वैधता प्रदान करेगा.
छात्र संगठन एसएफआई के नेता महिपाल गुर्जर ने कहा, “एक तरफ सरकार नशा मुक्त भारत की बात करती है, दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन गांजा सेवन करने वाले व्यक्ति को छात्रों के सामने आदर्श के रूप में पेश करने जा रहा है. यह दोहरा चरित्र है.”
राज्यपाल का विश्वविद्यालय में स्वागत- SFI
एसएफआई कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन यह निर्णय वापस नहीं लेता है तो कल दीक्षांत समारोह में और उग्र विरोध किया जाएगा. उन्होंने कहा, "छात्र संगठन एसएफआई कुलाधिपति राज्यपाल का विश्वविद्यालय में स्वागत करता है. लेकिन अघोरी बाबा शैलेंद्र नाथ को मानव उपाधि देने का निर्णय अगर विश्वविद्यालय प्रशासन वापस नहीं लेता है तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा."
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