राजस्थान के सीकर ज़िले में एक पूर्व सरपंच के बहुचर्चित मर्डर मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अदालत ने बरी कर दिया है. अदालत ने एक और आरोपी यतेंद्र को भी बरी कर दिया है. इस मामले में कुल 11 आरोपियों में से 9 को दोषी करार दिया गया है. उनमें से तीन को उम्र क़ैद तथा छह को 10 साल जेल की सज़ा सुनाई गई है. जुराठडा के पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर केस में आज 8 साल बाद एडीजे रेणुका हुड्डा ने फैसला सुनाया. अदालत ने हरदेवराम, अरुण और हरविंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इनके अलावाल सुनील, मुकेश, भानुप्रताप सहित 6 को 10 साल की सजा सुनाई गई.
इस हत्याकांड के 11 आरोपियों में से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गुजरात जेल में बंद है, जबकि 8 आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया गया है. वहीं, 2 आरोपी अन्य मामलों में जेल में बंद हैं. इसी मामले में एक आरोपी सुभाष बराल फरार चल रहा है और अंकित भादू का एनकाउंटर हो गया था.
भारी जाब्ते के बीच हुई आरोपियों की पेशी
बीते दिन सीकर की एससी/एसटी कोर्ट में 8 आरोपियों को पेश किया गया था. कोर्ट परिसर में भारी पुलिस जाब्ते के बीच आरोपियों को लाया गया था. उसके बाद कोर्ट ने फैसले के लिए आज की तारीख तय हुई थी.
चुनावी रंजिश का था मामला
पूर्व सरपंच सरदार राव की 23 अगस्त 2017 को हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के पीछे चुनावी रंजिश का मामला सामने आया था. बदले की आग में पूर्व सरपंच के मर्डर की साजिश रची गई. पलसाना कस्बे की एक दुकान पर सरदार राव बैठा था. उसी दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने गोलियों से भूनकर पूर्व सरपंच सरदार राव की निर्मम हत्या कर दी थी.
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