SIR 2002 voter list Rajasthan: राजस्थान में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत राज 24 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कट सकते हैं. दरअसल, एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम या उनके परिजनों के नाम 2002 की मतदाता सूची से मिलाए जा रहे हैं. मतदाताओं के नाम 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सूची से मेल नहीं खा पा रहे हैं. उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे. देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 4 नवंबर से प्रक्रिया शुरू की गई थी.
9 दिसंबर को जारी किया जाएगा नोटिस
इसका पहला ड्राफ्ट रोल 4 दिसंबर को प्रकाशित होगा. इसके बाद मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बूथ-लेवल एजेंटों को एक महीने की अवधि दावों और आपत्तियों के लिए दी जाएगी. जिन मतदाताओं के नाम पुरानी सूची से मेल नहीं खा पाएंगे, उन्हें 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद नोटिस जारी किया जाएगा. पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी.
पुरानी लिस्ट में नाम नहीं होने पर देने होंगे डॉक्यूमेंट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया, डिजिटलीकरण के बाद विभाग प्रत्येक मतदाता के नाम को 2002 की एसआईआर सूची से मिलाता है. ताकि यह पता चल सके कि उनके माता-पिता का नाम पुरानी सूची में दर्ज है या नहीं. पुरानी सूची में नाम नहीं होने पर मतदाताओं को पात्रता साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.
अब तक 4.50 करोड़ से ज्यादा फॉर्म जमा
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में कुल 5.46 करोड़ मतदाता हैं. इन सभी को 4 नवंबर से शुरू हुई घर-घर सर्वेक्षण प्रक्रिया के दौरान गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं. बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने अब तक 4.59 करोड़ मतदाताओं से ये प्रपत्र इकट्ठे कर लिए है. साथ ही, इनका डिजिटलीकरण कर ECINet वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया है. इनमें से 4 करोड़ 34 लाख 77 हजार 808 मतदाताओं के नाम 2002 की सूची से मेल खा गए हैं. इन मतदाताओं को अब किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी.
इन जिलों में 1 लाख से ज्यादा वोटर की मैपिंग नहीं
- जयपुर: 1 लाख 95 हजार 489
- जोधपुर: 1 लाख 47 हजार 16
- भीलवाड़ा: 1 लाख 29 हजार 574
- सीकर: 1 लाख 15 हजार 713
- बीकानेर: 1 लाख 11 हजार 744
- उदयपुर: 1 लाख 3 हजार 286
यह भी पढ़ेंः राजस्थान के 20 शहरों की हवा 'खराब', भिवाड़ी में AQI 300 के पार, कहीं आपका शहर तो लिस्ट में नहीं