जेल में कैदी भाइयों को बहनों ने बांधी राखी, ग‍िफ्ट में कराया वादा- अब अपराध नहीं, नई जिंदगी चुनना

जोधपुर जेल में बंद करीब 15 सौ बंद‍ियों की कलाई पर उनकी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा. बदले में बहनों के स‍िर पर हाथ रखकर अपराध छोड़ने की कसम खाई. 

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जोधपु जेल में बंद कैदियों की कलाई पर बहनों ने राखी बांधी.
NDTV Reporter

भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का अटूट परंपरा रक्षाबंधन पर जोधपुर सेंट्रल जेल का माहौल भावुक हो गया. आज सुबह से ही बड़ी संख्या में जोधपुर के सेंट्रल जेल में बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए पहुंचीं. जेल में बंद भाइयों को राखी बांधते हुए बहनों की आंखें भी भर आईं. भाई को तिलक लगाकर अपराध की दुनिया से दूर होकर एक अच्छा जीवन जीने का संकल्प भी बहनों ने अपने भाइयों को दिलाया. 

अपराध छोड़ने का लिया वचन 

भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए न सिर्फ बहनों ने उनकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की, बल्कि उन्हें अपराध की दुनिया को छोड़ने का वचन लि‍या. जोधपुर सेंट्रल जेल की सलाखों के बीच रिश्तों की मजबूत तस्वीर भी साफ तौर पर झलक रही थी. एनडीटीवी से बात करते हुए बहनों ने कहा कि आज इस पर्व पर वह अपने भाई को नम आंखों से राखी बांधने पहुंची हैं, क्योंकि अपराध की दुनिया के कारण वह सलाखों के पीछे हैं, लेकिन भाई और बहन का यह पवित्र रिश्ते के सामने सलाखें भी छोटी पड़ रही हैं. 

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अच्छा जीवन जीने की खाई कसम 

अपने भाइयों को राखी बांधने के बाद बहनों ने कहा कि निश्चित रूप से भाइयों से यह आशीर्वाद और संकल्प भी लिया है कि वह अपराध की दुनिया छोड़कर अच्छा जीवन जीने की राह पर आगे बढ़ेंगे.  कैदियों ने अपराध को छोड़कर अच्छी जिंदगी जीने की कसम खाई. 

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद 

जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रमोद सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनों अपने भाइयों को जेल में राखियां बांधी. जेल प्रशासन की तरफ से व्यवस्थाएं भी की गई हैं. सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद है. जोधपुर सेंट्रल जेल में करीब 18 सौ के करीब बंदी हैं, जिसमें 15 सौ के करीब बंदियों को उनकी बहनों ने राखी बांधी. 

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