जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में शुक्रवार (16 मई) को भारी हंगामा खड़ा हो गया. इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत से गुस्साए परिजनों ने रेजीडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर आरोप लगाए. उन्होंने इलाज में लापरवाही और बदसलूकी की शिकायत की. आरोप है कि परिजनों ने स्टाफ पर चाकू से हमला करने की कोशिश की. अस्पताल के भीतर हाई-वॉल्टेज ड्रामे के बाद मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी.
पैरों में दर्द की शिकायत के बाद भर्ती
खैरथल-तिजारा के रहने वाले 69 वर्षीय किशनलाल को पैरों में दर्द की शिकायत के बाद भर्ती करवाया गया था. परिजन गुरुवार (14 मई) रात करीब 12 बजे एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे थे. जब बुजुर्ग को आराम नहीं मिला तो उन्हें देर रात कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. जब जांच की तो सामने आया कि मरीज के पैरों की नसें ब्लॉक थीं. परिजनों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद रात से लेकर सुबह तक मरीज दर्द से तड़पता रहा, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने नहीं सुनी. सीनियर डॉक्टर के आने के बाद इलाज शुरू करने की बात कही गई.
मरीज की मौत के बाद फूटा गुस्सा
सुबह होते-होते बुजुर्ग मरीज ने दर्द से कराहते हुए दम तोड़ दिया. मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उनकी रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ तीखी बहस हो गई. मेडिकल स्टाफ का आरोप है कि झड़प के दौरान एक परिजन ने आपा खो दिया और पास के बेड पर लेटे दूसरे मरीज की टेबल से फल-सब्जी काटने वाला चाकू उठा लिया. वार्ड में चाकू लहराए जाने से वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद सुरक्षा गार्डों ने तुरंत परिजनों को काबू में किया.
परिजनों को हिरासत में लिया
घटना की सूचना मिलते ही एसएमएस थाना पुलिस मौके पर पहुंची. परिजनों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया. इस घटना से नाराज रेजीडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक को शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
मामले को बढ़ता देख सीटीवीएस यूनिट हेड डॉ. रामगोपाल यादव खुद थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर जूनियर डॉक्टरों से समझाइश की. उन्होंने स्टाफ से मामले को शांतिपूर्वक निपटाने की अपील की है. हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों और परिजनों के बीच तनाव की स्थिति देर शाम तक बनी रही.
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