राजस्थान में SOG की टीम ने वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. एसओजी ने पांच आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, इनमें से तीन MBBS डॉक्टर, दो सरकारी अध्यापक है तो वहीं एक संदिग्ध MBBS डॉक्टर है. SOG की टीम ने अंडमान, कोलकाता, जालोर, कोटा और जयपुर में दबिश देकर इन सभी को पकड़ा है. एसओजी के अनुसार, करीब 40 लाख अभ्यर्थियों के डाटाबेस और फोटोग्राफ देखकर इन आरोपियों को पकड़ा गया है.
14 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 के अंतर्गत सामान्य ज्ञान, शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को आयोजित की गई थी. सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण उस परीक्षा को निरस्त कर 29 जनवरी 2023 को फिर से परीक्षा आयोजित हुई. SOG के ADG विशाल बंसल ने बताया, "शिकायत मिली कि परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों ने डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से परीक्षा पास कर वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) पद पर धोखाधड़ीपूर्वक चयनित हुए. ऐसे में 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.
डमी परीक्षार्थियों की पहचान करना था चुनौती
आरोपी महेश कुमार को जयपुर, महिपाल को कोटा, सहीराम को पोर्ट ब्लेयर (अण्डमान-निकोबार), और हनुमाना राम और निवास कुराडा को जालोर से गिरफ्तार किया गया है. एडीजी के अनुसार, मामले में सबसे बड़ी चुनौती केवल फोटोग्राफ के आधार पर डमी परीक्षार्थियों की पहचान करना था. राज्य में वन-टाइम रजिस्ट्रेशन डाटाबेस के समानांतर एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कराया गया, जिसमें अभ्यर्थियों के फोटो और विवरण उपलब्ध थे. इस तरह से डाटाबेस के आधार पर संदिग्ध फोटोग्राफ का मिलान कर कई अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित की गई.
किस डमी कैंडिडेट ने किसकी जगह दी परीक्षा
- जयपुर से गिरफ्तार MBBS के छात्र महेश कुमार बिश्नोई ने जालोर के पमाणा निवासी दिनेश कुमार गोदारा पुत्र आसूराम बिश्नोई की जगह पर परीक्षा दी थी. महेश कुमार 3 लाख रुपये लेकर उदयपुर में 24 दिसंबर 2022 को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, हिरणमगरी सेक्टर-11 में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा में शामिल हुए थे.
- कोटा से पकड़े गए MBBS के चौथे साल के छात्र महिपाल बिश्नोई ने सवाई माधोपुर के बरनाला निवासी सूरतराम मीणा की जगह 24 दिसंबर 2022 को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, छावनी, कोटा में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी थी. उस समय यह सौदा 5 लाख रुपये में तय हुआ था.
- पोर्ट ब्लेयर से गिरफ्तार MBBS के चौथे साल के छात्र सही राम ने सांचौर निवासी दिनेश कुमार की जगह 3 लाख रुपये लेकर डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी. बाद में दिनेश कुमार वरिष्ठ अध्यापक के पद पर चयनित हुए.
- सरकारी अध्यापक के पद पर तैनात हनुमाना राम ने 5 लाख रुपये लेकर बाड़मेर के धोरीमन्ना निवासी अशोक बिश्नोई की जगह 29 जनवरी 2023 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दीगरी, जोधपुर (सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान) में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी थी.
- सरकारी अध्यापक निवास कुराडा ने भी 5 लाख रुपये लेकर जालोर के करावड़ी निवासी मनोहर सिंह बिश्नोई की जगह 29 जनवरी 2023 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शोभागपुरा, उदयपुर में परीक्षा दी और फिर मनोहर सिंह बिश्नोई वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) के पद पर चयनित हुए.
- संदिग्ध डमी कैंडिडेट और कोलकाता में MBBS छात्र ने 24 दिसंबर 2022 को राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, सविना खेड़ा, उदयपुर में जालोर के करावड़ी निवासी मनोहर सिंह बिश्नोई की जगह परीक्षा दी थी.
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इन सभी डमी परीक्षार्थियों की गिरफ्तारी हेतु 10-10 हजार रुपये का ईनाम घोषित था. इस मामले में अब तक 12 मूल अभ्यर्थी, 09 डमी परीक्षार्थी, 05 मध्यस्त समेत कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों की वर्तमान नियुक्ति और शैक्षणिक डिग्रियों के सत्यापन की जांच की जाएगी. बाकी अन्य डमी परीक्षार्थियों व मध्यस्थों की पहचानकर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.