Surya Grahan 2026 Date/Time: आसमान में हर साल होने वाली खगोलीय घटनाएं हमेशा से ही विज्ञान प्रेमियों को रोमांचित करती रही हैं. खगोलीय घटनाओं में सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2026) को अब तक की सबसे खूबसूरत घटना माना जाता रहा है. जिसमें सूर्य की छवि कुछ समय के लिए चंद्रमा के पीछे छिप जाती है. इसे ही सूर्य ग्रहण (Surya Garahan 2026) कहते हैं. साल 2026 का पहला ग्रहण 17 फरवरी यानी आज लगने जा रहा है, जिसका अद्भुत नजारा भारत में तो नहीं दिखेगा, लेकिन भारत से बाहर के देशों में दिखाई देगा.
कब लगेगा सूर्य ग्रहण
आज यानी मंगलवार को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण साल 2026 का पहला ग्रहण है. यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 260 मिनट पर शुरू होगा. यह शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. कुल मिलाकर इसकी अवधि 4 घंटे 32 मिनट की होगी. हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में सूर्य ग्रहण के दौरान कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें करना वर्जित माना जाता है. इस दौरान कुछ सावधानियां भी हैं जिन्हें बरतना बेहद जरूरी है.
कहां- कहां दिखेगा?
यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी पश्चिमी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. इसके अलावा स्पेन, पुर्तगाल, मोरक्को, अल्जीरिया और लीबिया जैसे देशों में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में दिखेगा. लेकिन भारत में साल का पहला सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा.
रिंग ऑफ फायर की तरह चमकेगा सूर्य
इस सूर्य ग्रहण के दौरान एक खास नजारा देखने को मिलेगा जो करीब 2 मिनट 20 सेकंड तक रहेगा. इसी वक्त चंद्रमा, सूर्य के लगभग 96% हिस्से को ढक देगा. सूरज का सिर्फ बाहरी किनारा ही चमकता हुआ नजर आएगा. जब यह स्थिति बनेगी तो आसमान में ऐसा दृश्य दिखेगा जैसे सूर्य के चारों ओर चमकती हुई आग की गोल अंगूठी बन गई हो. इसी वजह से इसे 'रिंग ऑफ फायर';कहा जा रहा है. हालांकि, भारत से यह खूबसूरत नजारा दिखाई नहीं देगा.
भारत में सूतक काल रहेगा मान्य?
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव वहीं माना जाता है जहां वह दिखाई देता है. इसलिए भारत में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा. इसका मतलब है कि मंदिरों के पट बंद नहीं होंगे, खाना-पीना सामान्य रहेगा और किसी विशेष नियम का पालन करना जरूरी नहीं है. गर्भवती महिलाओं को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.