श्रीगंगानगर में ACB की सबसे बड़ी कार्रवाई, बीज निगम निदेशक के घर से मिले 1.59 करोड़ रुपए

राजस्थान की ACB टीम ने राज्य के बीज निगम के डायरेक्टर जुगल बिश्नोई को अरेस्ट किया. उनके बिकानेर वाले घर से 1.59 करोड़ की नकदी जब्त की. साथ ही उनके भांजे के पास से 85 लाख मिले है.

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Rajasthan ACB action News
NDTV

Rajasthan ACB action: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में नकली बीज और पेस्टिसाइड माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाली मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की डीकोय टीम की  अब खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंसती नजर आ रही है.  कार्रवाई करते हुए राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई और उसके भांजे स्वतंत्र बिश्नोई समेत 6 लोगों को 2 करोड़ 44 लाख रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा है.

ACB की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक

ACB की  टीमों ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया.  कार्रवाई के दौरान आरोपी बीज निगम निदेशक जुगल बिश्नोई के बीकानेर के घर से 1.59 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की गई. वहीं, उनके भांजे स्वतंत्र बिश्नोई को लूणकरणसर के पास एक बस  को रुकवाकर 85 लाख रुपए नकद के साथ गिरफ्तार किया. बताया जा रहा है कि एसीबी के इतिहास में रिश्वत की इतनी बड़ी रकम बरामद होने का यह सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है.

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 दूध डेयरी चलाने वाले से बीज निगम के डायरेक्टर तक का सफर

जुगल किशोर बिश्नोई 2007 में श्रीगंगानगर के 13 KND गांव में एक दूध की डेयरी चलाता था. 2008 में वह बीकानेर शिफ्ट हो गया, जहां उसने  कई पेस्टिसाइड कंपनियों में नौकरी की. इसी दौरान इंडोफिल कंपनी में काम करते समय उस पर करीब 3 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा, जिसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया था.

इसके बावजूद, साल 2026 की शुरुआत में उसे राजस्थान राज्य बीज निगम के  निदेशक का पद दिया गया.साथ ही उसे मंत्री की डीकोय टीम का हिस्सा भी बनाया गया.  जिसकी आड़ में वह वसूली का खेल खेल रहा था.

वसूली के लिए बना रखा था सिंडिकेट

जांच एजेंसियों और स्थानीय किसानों के अनुसार, जुगल बिश्नोई इस खेला अकेला खिलाड़ी नहीं था. उसके साथ कृषि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहे थे. इसमें विशाल बिश्नोई (सहायक कृषि अधिकारी, रायसिंहनगर), श्याम सुंदर बिश्नोई (कृषि पर्यवेक्षक), मुकेश भादू (कृषि पर्यवेक्षक), संदीप बिश्नोई (कृषि पर्यवेक्षक, बीकानेर) और सुरजीत बिश्नोई (सहायक निदेशक, श्रीगंगानगर) के नाम सामने आ रहे हैं.

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रायसिंहनगर के बगीचा गांव के एक किसान ने जनवरी 2026 में ही सहायक कृषि अधिकारी विशाल बिश्नोई के खिलाफ पैसे मांगने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें जांच के बाद चार्जशीट भी जारी हुई थी. लेकिन निदेशक जुगल बिश्नोई ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर इस कार्रवाई को दबाए रखा और उसे डिकॉय टीम में शामिल करवाकर मोटी वसूली करवाता रहा.

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श्रीगंगानगर में होनी थी घूस के पैसों की डिलीवरी

कृषि विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुगल और स्वतंत्र बिश्नोई से पकड़े गए ये करोड़ों रुपये श्रीगंगानगर ही लाए जा रहे थे. यहां यह रकम राजस्थान स्टेट सीड सर्टिफाइड एसोसिएशन से जुड़े एक बड़े रसूखदार बीज व्यापारी के पास पहुंचनी थी, जहां से इसे अधिकारियों और बिचौलियों के बीच कई हिस्सों में बांटा जाना था. यह गैंग हर महीने बीज विक्रेताओं और कंपनियों को छापेमारी का डर दिखाकर करोड़ों की अवैध वसूली कर रही थी.

खेती-किसानी के मामलों से जुड़े एडवोकेट लखविंदर सिंह ने बताया कि यदि एसीबी इस मामले की गहराई से परतें खोलेगी, तो कृषि विभाग के कई और बड़े मगरमच्छ और नामी बीज कंपनियों के चेहरे बेनकाब होंगे. फिलहाल, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसान अब मंत्री की इस डिकॉय टीम के गठन और दागी अफसरों को इसमें शामिल करने पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं.

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