जैसलमेर के फलसूंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार रात्रि चौपाल लगाई. उन्होंने पानी और बिजली व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जताई. भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट और बिजली समस्याओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन को राहत देने के लिए फुलप्रूफ मैकेनिज्म के साथ काम करना होगा.
जिला प्रशासन का फेलियर
रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद शेखावत ने साफ कहा कि पानी की समस्या केवल विभागीय विफलता नहीं, बल्कि जिला प्रशासन और कलेक्टर स्तर का भी फेलियर है. उन्होंने कहा कि दिशा समिति की पिछली बैठक में भी इस विषय पर निर्देश दिए गए थे, उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे. पूर्व कलेक्टर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शायद उन्हें यहां से जाने की जल्दी थी.
मंत्री शेखावत ने दी चेतावनी
केंद्रीय मंत्री ने PHED व्यवस्था को कोलैप्स बताते हुए कहा कि टैंकर सप्लाई और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने अधिकारियों से टैंकरों के रूट, वितरण व्यवस्था और पानी सप्लाई की पूरी जानकारी मांगी. निर्देश दिए कि सबसे पहले पानी उस गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे, जिसके पास किसी प्रकार की पैरवी का साधन नहीं है. इस दौरान भ्रष्टाचार को लेकर शेखावत ने सख्त चेतावनी दी.
शेखावत ने ठेकेदार को दी चेतावनी
उन्होंने मंच से कहा, "जो पानी के पैसे में चोरी करेगा, उसका वैसा ही हश्र होगा, जैसा महेश जोशी का हुआ. फिर चाहे वो किसी का कितना भी खास ठेकेदार क्यों न हो, मैं उसे नहीं छोड़ूंगा. मैं हजारों लोगों के बीच मंच से यह बात कह रहा हूं. फिर चाहे कोई कितनी भी सिफारिश लेकर आए, उसे उसके किए की सजा भुगतनी पड़ेगी. इस विषय पर मुख्यमंत्री, सरकार सहित सबका जीरो टॉलरेंस है.
"जैसलमेर की स्थिति भगवान भरोसे"
रात्रि चौपाल के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों और पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पूरे राजस्थान में बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन जैसलमेर की स्थिति अभी भी भगवान भरोसे बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त अधिकारियों ने भारत सरकार को 100 प्रतिशत बिजली कनेक्शन के झूठे आंकड़े भेज दिए, जबकि जिले में आज भी कई परिवार मूलभूत बिजली सुविधा से वंचित हैं.
"लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी"
शेखावत ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री से बात कर योजना को 1000 दिनों के लिए दोबारा खुलवाया, ताकि छूटे हुए परिवारों तक बिजली पहुंचाई जा सके. उन्होंने जिला प्रशासन और बिजली विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित कनेक्शन, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए. साथ ही कहा कि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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