राजस्थान शिक्षा विभाग ने कई सालों से नौकरी पर नहीं जाकर फर्जी हस्ताक्षर करके वेतन लेने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ रिकवरी के आदेश जारी किए हैं. दोनों ही शिक्षक दंपति कई सालों से बच्चों को पढ़ाने विद्यालय नहीं गए. दोनों शातिर शिक्षकों ने अपनी जगह पर डमी शिक्षक लगा रखे थे. उन्हें कुछ पैसा देते थे, और पूरी सैलरी सरकार से लेते थे.
शिकायत पर जांच शुरू हुई
दरअसल, विष्णु गर्ग और उनकी पत्नी मंजू गर्ग बारां जिले के राजपुरा गांव की प्राथमिक स्कूल में नियुक्त है, लेकिन दोनों ही कई वर्षों से विद्यालय नहीं जा रहे थे. इस विद्यालय में उनके अलावा एक और शिक्षिका मौसमी मीणा नियुक्त है. विभाग ने इसको लेकर 21 दिसंबर 2023 को पुलिस को शिकायत दी. इसके बाद जांच शुरू हुई.
2.20 करोड़ दोनों सैलरी ले चुके थे
जांच में सामने आया कि विष्णु गर्ग की 1997-98 में और मंजू गर्ग की सासल 1999 में नियुक्त हुई थी. तब से अब तक दोनों करीब 2 करोड़ 20 लाख का वेतन उठा चुके हैं. इसके साथ ही दोनों विद्यार्थियों के मिड डे मील और अन्य विद्यालय बजट में भी फर्जीवाड़ा करते थे. अब सरकार तेजी से इस मामले में एक्शन लेते हुए नजर आ रही है.
ब्याज सहित 9.20 करोड़ रिकवरी के आदेश
शिक्षा विभाग ने अब दोनों के ही खिलाफ ब्याज सहित करीब 9 करोड़ 20 लाख की रिकवरी के आदेश जारी किए हैं. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि दोनों के खिलाफ जांच करवा कर कार्रवाई की जा रही है. ऐसे लोग जो कि इस तरह का गलत काम करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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