Ranthambore National Park: सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व के त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर आए दिन बाघिन सुल्ताना का मूवमेंट देखने को मिल रहा है. बाघिन कभी भी और किसी भी वक्त त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर आ जाती है. ऐसे में त्रिनेत्र गणेश श्रद्धालुओं की जान को हमेशा खतरा बना रहता है.
आज एक बार फिर बाघिन त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर आ गई. बाघिन को देखकर चौपहिया वाहनों से त्रिनेत्र गणेश दर्शन को जाने-आने वाले श्रद्धालुओं सहित पार्क भ्रमण पर जा रहे पर्यटक बेहद रोमांचित नजर आए. इस दौरान बाघिन सुल्ताना बेखौफ अंदाज़ में सड़क पर चहलकदमी करती रही. बाघिन करीब 30 मिनट तक सड़क पर घूमती रही.
बाघिन की चहलकदमी मोबाइल कैमरों में कैद
इस दौरान त्रिनेत्र गणेश मंदिर दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं ने बाघिन की चहलकदमी को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया. श्रद्धालुओं की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के वाहनों को मौके से हटवाया. साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने एहतियातन करीब एक घंटे के लिए गणेश धाम स्थित त्रिनेत्र गणेश मार्ग के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया, ताकि दर्शनार्थियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके.
सुल्ताना ने मिश्रदर्रा गेट के पास शावकों को जन्म दिया है
गौरतलब है कि बाघिन सुल्ताना ने मिश्रदर्रा गेट के पास शावकों को जन्म दिया है, जिसके चलते अक्सर उसका त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर मूवमेंट बना रहता है. कुछ दिन पहले बाघिन अपने शावकों को शिफ्ट करती हुई भी दिखाई दी थी. नववर्ष से ठीक पहले साल के अंतिम दिन भी बाघिन सुल्ताना इसी त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर नजर आई थी.
श्रद्धालुओं की जान को हमेशा खतरा बना रहता है
हालांकि बाघिन के मूवमेंट को लेकर वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद त्रिनेत्र गणेश श्रद्धालुओं की जान को हमेशा खतरा बना रहता है. वन विभाग द्वारा किसी भी श्रद्धालु को पैदल या दुपहिया वाहन से जाने की अनुमति नहीं दी जाती. त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर केवल चौपहिया वाहनों को ही प्रवेश दिया जाता है. इससे श्रद्धालुओं की जान बच जाती है, लेकिन जिस तरह से आए दिन बाघिन का मूवमेंट त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर रहता है, उससे खतरा लगातार बना हुआ है.
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