पुलिस से बचने के लिए ट्रेन में भीख मांग रहे थे, पुलिस ने 50 हज़ार के इनामी वांटेड बदमाशों को गिरफ्तार किया 

एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि डेनिस बावरिया का मर्डर करने के बाद पुलिस ने पनाह देने वाले लोगों की धरपकड़ शुरू कर दी थी. जिसके किसी ने भी फरार बदमाशों को पनाह नहीं दी. हितेश, प्रशांत और अजय तीनों भी पनाह ना मिलने और कहीं से पैसों का जुगाड़ ना होने के कारण ट्रेन में भीख मांगते थे.

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Jhunjhunu News: झुंझुनूं पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में ट्रेन में छानबीन करते हुए झुंझुनूं के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर डेनिस बावरिया हत्याकांड के तीन और 50-50 हजार के ईनामी वांटेड बदमाशों को गिरफ्तार किया है. जिस वक्त बदमाशों को गिरफ्तार किया. वो पेट भरने के लिए ट्रेन में भीख मांग रहे थे. जिनके कपड़े भी पुराने हो गए थे और फटी हालत में थे. दो दिन पहले ही इन बदमाशों पर जयपुर रेंज आईजी ने 50-50 हजार रूपए का ईनाम घोषित किया था. 

रेंग रेंग कर फटे पुराने कपड़ों में चल रहे इन बदमाशों ने वांटेड हिस्ट्रीशीटर मंदीप उर्फ मदिया तथा उसके साथी हार्डकोर बदमाश दीपक मालसरिया से दोस्ती निभाने के लिए धनतेरस से पहले रात को धनूरी थाने के हिस्ट्रीशीटर डेनिस बावरिया का मर्डर किया था. मर्डर के बाद से ये फरार चल रहे थे.

पैसे खत्म होने और पनाह देने वालों द्वारा मनाही होने के बाद इनकी हालत यह हो गई कि पिछले 20-25 दिनों से ये ट्रेनों में भीख मांगकर अपना गुजारा कर रहे थे.

आईजी जयपुर रेंज ने 50-50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया था

लेकिन फिर भी पुलिस ने इन्हें धर लिया. एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि डेनिस बावरिया हत्याकांड में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था. वहीं छह फरार बदमाशों पर आईजी जयपुर रेंज ने 50-50 हजार रूपए का ईनाम घोषित किया था.

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इन छह​ में से बसंत विहार झुंझुनूं निवासी हितेश मील, जीत की ढाणी निवासी प्रशांत उर्फ पोखर जाट तथा पन्नेसिंह की ढाणी तन ठेलासर चूरू हाल गैस एजेंसी बिसाऊ के नजदीक निवासी अजय उर्फ संदीप जाट को झुंझुनूं पुलिस की टीम ने धौलपुर के पास चलती हुई ट्रेन में गिरफ्तार किया है.

किसी ने भी फरार बदमाशों को पनाह नहीं दी

एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि डेनिस बावरिया का मर्डर करने के बाद पुलिस ने पनाह देने वाले लोगों की धरपकड़ शुरू कर दी थी. जिसके किसी ने भी फरार बदमाशों को पनाह नहीं दी. हितेश, प्रशांत और अजय तीनों भी पनाह ना मिलने और कहीं से पैसों का जुगाड़ ना होने के कारण ट्रेन में भीख मांगते थे. झुंझुनूं पुलिस ने औरंगाबाद से धौलपुर आ रही ट्रेन से तीनों को दबोचा.

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(रविंद्र चौधरी की रिपोर्ट) 

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