देश का पहला अमरूद महोत्सव सवाई माधोपुर में, अमरूद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी

महोत्सव में अमरूद की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी, फल-फूल प्रतियोगिता, देशभर की 20 से अधिक नर्सरियों की भागीदारी, 200 से अधिक स्टॉल और वैल्यू-एडेड उत्पादों, जूस, जैली, स्क्वैश, पल्प, बर्फी, चटनी, अचार, की प्रदर्शनी लगाई जाएगी.

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सवाई माधोपुर में होगा अमरुद फेस्टिवल

Guava Festival: देश में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन सवाई माधोपुर में किया जा रहा है, जिसे राज्य के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस को बाघ महोत्सव के साथ अमरूद महोत्सव के रूप में मनाना जिले के लिए गौरव का विषय है. इसका शुभारंभ 18 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुख्य आतिथ्य में होगा.

मंत्री मीणा ने बताया कि अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेला-2026 किसानों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. जिले के किसान उच्च गुणवत्ता का अमरूद उत्पादन कर रहे हैं, जिसकी राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी लगातार मांग बढ़ रही है. ऐसे में किसानों को बेहतर मूल्य और आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है.

किसानों को बड़ा मंच प्रदान होगा 

यह दो दिवसीय आयोजन आधुनिक खेती, स्मार्ट फार्मिंग, ड्रोन तकनीक, हाई-टेक बागवानी, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जुड़ी नई तकनीकों को समझने के लिए किसानों को बड़ा मंच प्रदान करेगा. मंत्री ने उम्मीद जताई कि हजारों किसान इस आयोजन से लाभान्वित होकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने के गुर सीखेंगे.

15 हजार हेक्टेयर में अमरूद की खेती होती है

उन्होंने कहा कि सवाई माधोपुर के अमरूद की मिठास को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का वादा उन्होंने किसानों से किया था और यह महोत्सव उसी दिशा में पहला ठोस कदम है. जिले में फिलहाल 15 हजार हेक्टेयर में अमरूद की खेती होती है, जिससे हर साल लगभग 4 लाख मीट्रिक टन उत्पादन और 6–7 अरब रुपये का कारोबार होता है. इस आयोजन से किसान, वैज्ञानिक और व्यापारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा.

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200 से अधिक स्टॉल और वैल्यू-एडेड उत्पाद

महोत्सव में अमरूद की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी, फल-फूल प्रतियोगिता, देशभर की 20 से अधिक नर्सरियों की भागीदारी, 200 से अधिक स्टॉल और वैल्यू-एडेड उत्पादों, जूस, जैली, स्क्वैश, पल्प, बर्फी, चटनी, अचार, की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. मंत्री ने प्रदेश के किसानों, युवाओं और उद्यमियों से सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही यह आयोजन ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करेगा.