लूनी नदी के बहाव क्षेत्र में होगा सुधार, बाढ़ से निपटने के लिए बनेगी डीपीआर: मंत्री सुरेश सिंह रावत

मंत्री ने बताया कि लूनी नदी का उद्गम अजमेर की नाग पहाड़ी से होता है. नदी की निकासी क्षमता बढ़ाने और जल प्रवाह को सुचारू बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी.

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Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने साफ कर दिया है कि लूनी नदी के प्रवाह क्षेत्र से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होगी, बल्कि उसके बहाव को और बेहतर बनाया जाएगा. जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में यह बात कही. शून्यकाल के दौरान विधायक लक्ष्मण राम द्वारा उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि अजमेर में बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए सरकार गंभीर है.

उन्होंने आश्वस्त किया कि लूनी नदी के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र को प्रभावित किए बिना उसके बहाव क्षेत्र को मजबूत और चौड़ा करने की योजना बनाई जाएगी.

प्राकृतिक बहाव क्षेत्र का जीर्णोद्धार किया जाएगा

मंत्री ने बताया कि लूनी नदी का उद्गम अजमेर की नाग पहाड़ी से होता है. नदी की निकासी क्षमता बढ़ाने और जल प्रवाह को सुचारू बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी. इसके साथ ही अजमेर में फूलसागर कायड़ बांध के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा, ताकि बारिश के समय पानी की निकासी बेहतर हो सके.

झील में ओवरफ्लो की स्थिति नहीं बनेगी

उन्होंने यह भी कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाई जा रही है. आना सागर झील के सीवेज ट्रीटेड पानी का आकलन कर उसके अधिकतम उपयोग की दिशा में भी काम होगा. सरकार का मानना है कि अगर इस पानी का सही इस्तेमाल किया गया तो झील में ओवरफ्लो की स्थिति नहीं बनेगी और शहर में जलभराव की समस्या भी कम होगी. सरकार का दावा है कि इन कदमों से अजमेर में बाढ़ जैसी स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा.

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